नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। करेली थाना क्षेत्र के सगौरिया गांव स्थित प्राचीन जैन मंदिर से चोरी हुई करीब 200 साल पुरानी बहुमूल्य मूर्तियों के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद जब आरोपियों को शहर की सड़कों पर ले जाया गया, तो वे खुद “चोरी करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है” के नारे लगाते नजर आए।
यह घटना 22 जुलाई की है, जब सगौरिया स्थित जैन मंदिर से भगवान की 18 बहुमूल्य मूर्तियां चोरी हो गई थीं। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था, ताकि उनकी पहचान न हो सके। हालांकि, कैमरों में चोरी से पहले के कुछ दृश्य रिकॉर्ड हो गए थे, जो पुलिस जांच में अहम सुराग साबित हुए।
पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों के पुराने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने न सिर्फ सगौरिया जैन मंदिर में चोरी की बात कबूल की, बल्कि दो अन्य धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह कथित तौर पर धार्मिक स्थलों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गई 18 मूर्तियों में से 2 प्राचीन मूर्तियां बरामद कर ली हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पुलिस की लगातार दबिश और गिरफ्तारी के डर से उन्होंने बाकी मूर्तियों को गाडरवारा स्थित शक्कर नदी में फेंक दिया था।
अब पुलिस नदी में अन्य मूर्तियों की तलाश में जुटी हुई है। वहीं, चारों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
करीब 200 साल पुरानी इन बहुमूल्य मूर्तियों की चोरी और फिर उसके खुलासे ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस बाकी मूर्तियों को बरामद कर पाती है या नहीं।

