भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर भोपाल में भव्य तिरंगा यात्रा निकालने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों और युवाओं की भागीदारी से निकाली जाने वाली यह यात्रा देशभक्ति की भावना को मजबूत करेगी और आजादी के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
राज्य शूटिंग अकादमी में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक, पोषण और खेल सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही ओलंपिक, एशियाड और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन राशि, पुरस्कार और शासकीय सेवा में नियुक्ति की व्यवस्था जल्द तय करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मल्लखंभ और जिम्नास्टिक अकादमी जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए, ताकि खिलाड़ियों को एक ही स्थान पर सभी आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
डॉ. मोहन यादव ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों के पास उपलब्ध जमीन पर आधुनिक खेल परिसर विकसित करने की संभावनाओं पर तेजी से काम किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की सबसे बड़ी आधारशिला हैं, इसलिए खेल विभाग, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, जनजातीय कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और युवा आयोग मिलकर इस योजना को आगे बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर खेल परिसर और स्टेडियम के लिए भूमि आवंटन लंबित है, वहां जिला कलेक्टरों के साथ समन्वय कर प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। साथ ही निर्माणाधीन खेल परिसरों में आवश्यक सुविधाओं के साथ हेलिपैड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने खेल विभाग में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी के लिए सिविल विंग और परियोजना प्रबंधन इकाई यानी पीएमयू बनाने की संभावनाओं पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा। इसके अलावा सीएम युवा शक्ति योजना के कार्यों में तेजी लाने, प्रत्येक जिले के खेल प्रदर्शन का विश्लेषण करने और जिस जिले में जिस खेल की प्रतिभाएं अधिक हों, वहां उसी खेल की अधोसंरचना विकसित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी सरकारी और निजी उच्च गुणवत्ता वाली खेल सुविधाओं को चिन्हित किया जाए, ताकि मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन बढ़ाया जा सके। साथ ही खेल अधोसंरचना के विकास में कॉरपोरेट संस्थानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों के मॉडल का भी अध्ययन करने के निर्देश दिए।

