भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी में जुटी दिखाई दे रही है। चर्चा है कि चुनाव में पूरी ताकत से मैदान में उतरे बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को अब बड़ा संगठनात्मक दायित्व दिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक उन्हें दतिया भाजपा का नया जिलाध्यक्ष बनाया जा सकता है। यानी चुनाव हारने के बावजूद संगठन उनके काम और सक्रियता को इनाम दे सकता है।
दूसरी ओर, पार्टी के भीतर कथित भीतरघात को लेकर भी सख्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि इसके लिए बनाई गई जांच समिति की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद जिन नेताओं या कार्यकर्ताओं पर अनुशासनहीनता या भीतरघात के आरोप साबित होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, चुनाव के बाद आशुतोष तिवारी ने पार्टी नेतृत्व को कथित भीतरघात से जुड़े कुछ साक्ष्य भी सौंपे थे। इसके बाद संगठन स्तर पर मंथन हुआ और दतिया भाजपा की जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया। जिला अध्यक्ष, मंडल अध्यक्षों सहित सभी संगठनात्मक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया।
खबर यह भी है कि कार्रवाई का दायरा केवल संगठन तक सीमित नहीं रह सकता। सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि दतिया के कुछ पार्षदों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
बताया जा रहा है कि पूरी समीक्षा रिपोर्ट भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी। इसके बाद प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के स्तर पर मंथन होगा और उसी के आधार पर आगे की रणनीति और संगठनात्मक फैसले लिए जाएंगे। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या आशुतोष तिवारी को जिले की कमान मिलती है और कथित भीतरघात के मामले में पार्टी किन नेताओं पर कार्रवाई करती है।

