सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इच्छावर जनपद शिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाले खामखेड़ा प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति ने सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बच्चों को तय मीनू के अनुसार मध्याह्न भोजन नहीं मिल रहा और पोषण आहार व्यवस्था में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
सामने आई तस्वीरों के अनुसार स्कूल में बच्चों को निर्धारित मीनू के बजाय केवल खीर और पूरी परोसी गई, जबकि भोजन में सब्जी नहीं थी। बच्चों का कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ, बल्कि कई दिनों से उन्हें बिना सब्जी के अधूरा भोजन दिया जा रहा है।
वहीं खामखेड़ा आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। रिकॉर्ड में यहां 195 बच्चों का पंजीयन है, लेकिन निरीक्षण के दौरान मौके पर केवल तीन बच्चे ही मौजूद मिले। आरोप है कि बच्चों को समय पर भोजन नहीं मिलता और उन्हें नियमित रूप से पौष्टिक दलिया या सत्तू भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि बच्चों के भोजन का समय दोपहर 12 बजे तय है, लेकिन खाना माध्यमिक स्कूल से बनकर एक से दो बजे के बीच पहुंचता है। ऐसे में कई बार छोटे बच्चे इंतजार किए बिना ही घर लौट जाते हैं। यह भी आरोप है कि कई मौकों पर मध्याह्न भोजन तैयार ही नहीं होता, जिससे बच्चों को बिना भोजन के वापस जाना पड़ता है।
मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। बताया जा रहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बेटी उसी केंद्र में सहायिका के पद पर पदस्थ है। आरोप है कि वह केंद्र पर नियमित रूप से उपस्थित नहीं होती, फिर भी वेतन प्राप्त कर रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
इन सभी मामलों ने स्कूल और आंगनबाड़ी की व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है कि इन शिकायतों की जांच कैसे होती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं। वहीं विभाग का कहना है कि बच्चों को समय पर पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।

