उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित महाकाल लोक में इन दिनों खंडवा के तपस्वी राहुल अपनी अनोखी साधना से श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। राहुल पिछले छह वर्षों से हर श्रावण मास में प्रतिदिन करीब तीन घंटे तक एक पैर पर खड़े होकर भगवान शिव का जाप करते हैं। उनका कहना है कि उनकी यह तपस्या विश्व शांति, जनकल्याण और मानवता की सुख-समृद्धि के लिए समर्पित है।
एक पैर पर खड़े होकर करते हैं तीन घंटे साधना
उज्जैन में वैसे तो बड़ी संख्या में साधु-संत और तपस्वी देखने को मिलते हैं, लेकिन महाकाल लोक में राहुल की साधना इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच खास चर्चा का विषय बनी हुई है। खंडवा निवासी राहुल हर श्रावण में यहां पहुंचते हैं और रोजाना करीब तीन घंटे तक एक पैर पर खड़े होकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हैं।
उनकी कठिन साधना देखने के लिए महाकाल लोक पहुंचने वाले श्रद्धालु भी कुछ देर रुक जाते हैं और उनकी तपस्या को देखकर आश्चर्य व्यक्त करते हैं।
सपने में भगवान के दर्शन का किया दावा
राहुल का कहना है कि करीब छह वर्ष पहले उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव आया। उनका दावा है कि एक रात सपने में भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु, भगवान शिव और माता पार्वती के दर्शन हुए। इसके बाद उन्हें जगकल्याण के लिए तपस्या करने की प्रेरणा मिली।
राहुल के मुताबिक, इसी अनुभव के बाद उन्होंने अपना जीवन शिव साधना को समर्पित करने का फैसला किया और स्वयं को तपस्वी राहुल नाम दिया।
हर श्रावण छोड़ देते हैं घर-परिवार
राहुल बताते हैं कि उनका परिवार भी है, लेकिन पिछले छह वर्षों से वे हर श्रावण मास में घर-परिवार से दूर होकर भगवान शिव की साधना के लिए निकल पड़ते हैं। उनके लिए यह तपस्या अब जीवन का हिस्सा बन चुकी है।
उनका कहना है कि यह साधना किसी व्यक्तिगत इच्छा या स्वार्थ की पूर्ति के लिए नहीं है, बल्कि विश्व शांति, जनकल्याण और पूरी मानवता की सुख-समृद्धि की कामना के लिए की जा रही है।
महाकाल लोक में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने राहुल
राहुल की यह अनोखी साधना अब महाकाल लोक आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है। कोई उनकी साधना को देखकर हैरान है तो कोई इसे भगवान शिव के प्रति उनकी गहरी आस्था और समर्पण से जोड़कर देख रहा है।
महाकाल की नगरी में चल रही यह अनोखी साधना एक बार फिर दिखाती है कि आस्था के रास्ते पर चलने वाले लोग अपने विश्वास और संकल्प के लिए कितनी कठिन तपस्या करने को तैयार हो जाते हैं। राहुल का कहना है कि जब तक उनका संकल्प पूरा नहीं होता, तब तक उनकी शिव साधना इसी तरह जारी रहेगी।

