दतिया। दतिया जिले के उदगवा मंडल से बदहाल सड़क और बुनियादी सुविधाओं की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहां स्कूल जाने के लिए बच्चों को हर दिन कीचड़ और जलभराव से होकर गुजरना पड़ रहा है।
बारिश के दिनों में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि स्कूली बच्चों के कपड़े और किताबें तक कीचड़ में खराब हो जाती हैं। परेशान होकर बच्चों ने खुद जनसुनवाई में पहुंचकर दतिया कलेक्टर को लिखित आवेदन दिया और अपनी समस्या बताई।
बच्चों ने कलेक्टर से कहा कि साहब, स्कूल जाने में बहुत परेशानी होती है। रास्ते में कीचड़ और पानी भरा रहता है, जिससे कपड़े और किताबें खराब हो जाती हैं। बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क बनवाने की मांग की।
मासूम बच्चों की शिकायत को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया और तत्काल जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मौके पर जाकर जांच करने और बच्चों के हित में जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
दरअसल उदगवा का शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुख्य सड़क से करीब एक किलोमीटर अंदर स्थित है। स्कूल तक पहुंचने के लिए यही एकमात्र रास्ता है, लेकिन बारिश के दौरान यह रास्ता कीचड़ और पानी से पूरी तरह भर जाता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते से गुजरना सिर्फ बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए भी मुश्किल हो जाता है। कई बार लोग फिसलकर गिरने और दुर्घटना का शिकार होने की बात भी सामने आई है।
ग्राउंड पर पहुंची टीम से बातचीत के दौरान बच्चों ने बताया कि स्कूल जाते समय कई बार वे कीचड़ में फंसकर गिर जाते हैं। इससे उनकी स्कूल ड्रेस और बस्ते में रखी किताबें तक खराब हो जाती हैं। ऐसे में पढ़ाई के लिए स्कूल पहुंचना उनके लिए रोज एक नई परेशानी बन गया है।
मामले में जिला पंचायत सीईओ अक्षय तेम्रवाल ने बच्चों की शिकायत को जायज बताया है। उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिए जिला पंचायत की ओर से जांच टीम गठित कर दी गई है और संबंधित ग्राम पंचायत के माध्यम से जल्द सड़क निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा।
अब देखना होगा कि बच्चों की यह समस्या कितनी जल्दी दूर होती है, लेकिन फिलहाल जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने वाले इन बच्चों की पहल ने बदहाल सड़क की समस्या को जरूर सामने ला दिया है।

