शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में आयोजित राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव उस वक्त विवादों में घिर गया, जब मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर महिला जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताते हुए कार्यक्रम का विरोध शुरू कर दिया।
कृषि उपज मंडी में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रोटोकॉल की अनदेखी का आरोप लगाते हुए महिला जनप्रतिनिधियां मंच से नीचे उतर गईं। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि बलराम जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मंच की अगली पंक्ति में प्रशासनिक अधिकारियों और पुरुष जनप्रतिनिधियों को जगह दी गई, जबकि निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को पीछे बैठाया गया।
इसी व्यवस्था से नाराज जनपद पंचायत अध्यक्ष हेमलता रघुवीर रावत और नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा मंच से उतरकर नीचे आ गईं। वहीं जिला पंचायत सदस्य भारती रावत ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की और विरोध में कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए वहां से वापस लौट गईं।
महिला जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बाद कार्यक्रम में माहौल गरमा गया। मामला बढ़ता देख शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन खुद मोर्चा संभालने के लिए मंच से नीचे उतरे।
विधायक ने नाराज महिला जनप्रतिनिधियों से बातचीत की, उन्हें मनाने की कोशिश की और सम्मानपूर्वक उन्हें मंच की आगे की पंक्ति में स्थान दिलवाया।
काफी मान-मनौव्वल के बाद मामला शांत हुआ और कार्यक्रम की कार्यवाही दोबारा शुरू हो सकी।
वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगों और कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मंच पर बैठने की व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर सवाल उठाए हैं।
अब इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक बार फिर सवाल यही है कि जब महिला जनप्रतिनिधि लोकतांत्रिक तरीके से चुनकर आती हैं, तो क्या सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके पद और सम्मान के अनुरूप प्रोटोकॉल का पालन नहीं होना चाहिए?

