बुरहानपुर। मध्यप्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC को लेकर सियासी विरोध तेज होता नजर आ रहा है। बुरहानपुर में मंगलवार को AIMIM ने UCC के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और मध्यप्रदेश सरकार से इस कानून को वापस लेने की मांग की।
सिंधी बस्ती स्थित हुसैनी मैरिज हॉल के बाहर हुए प्रदर्शन में AIMIM के प्रदेशाध्यक्ष मोहसिन अली खान ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी मध्यप्रदेश में लागू किए गए यूनिफॉर्म सिविल कोड का पुरजोर विरोध करती है।
मोहसिन अली खान का दावा है कि UCC संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 29 में दिए गए अधिकारों का उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि संविधान देश के नागरिकों को अपने धर्म को मानने और उसके अनुसार जीवन जीने की आजादी देता है, लेकिन UCC उस मजहबी आजादी को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि मुसलमान लंबे समय से अपने मजहब के अनुसार जीवन जीते आ रहे हैं और संविधान ने भी उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार दिया है। AIMIM प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि मौलिक अधिकारों से ऊपर कोई कानून नहीं हो सकता और सरकार को इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए।
मोहसिन अली खान ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी पार्टी आखिरी दम तक UCC के खिलाफ लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर यह कानून वापस नहीं लिया गया तो मध्यप्रदेश में एक सैलाब आएगा।
AIMIM प्रदेशाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार से अपील करते हुए कहा कि संविधान में दी गई धार्मिक आजादी को बरकरार रखने में सरकार उनका साथ दे और UCC को वापस ले।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में AIMIM कार्यकर्ता और पदाधिकारी हाथों में UCC के विरोध वाली तख्तियां लेकर पहुंचे और नारेबाजी की।
हालांकि शुरुआत में कार्यकर्ताओं को सिंधी बस्ती स्थित मैरिज हॉल के पास प्रदर्शन करने और वहां से रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय जाने की अनुमति नहीं थी। मौके पर पहुंचे सीएसपी विनोद सिंह कुशवाह ने कार्यकर्ताओं को समझाइश दी।
इसके बाद पार्टी की ओर से विधिवत अनुमति ली गई। अनुमति मिलने के बाद AIMIM कार्यकर्ता रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर UCC के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
अब देखना होगा कि AIMIM के इस विरोध और UCC को वापस लेने की मांग पर मध्यप्रदेश सरकार का क्या रुख सामने आता है।

