सिंगरौली। सिंगरौली में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अब सियासत गरमा गई है। बीजेपी विधायक रामनिवास शाह ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए योजना में कथित गड़बड़ियों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
मामला वार्ड क्रमांक 43 के रहवासियों की शिकायत से जुड़ा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे हितग्राहियों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना की अगली किस्तें जारी कर दी गईं, जिन्होंने अभी तक मकान का निर्माण शुरू तक नहीं किया है।
शिकायत सामने आने के बाद विधायक रामनिवास शाह ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। विधायक का सीधा सवाल है कि जब मौके पर मकान बना ही नहीं था, तो फिर दूसरी और तीसरी किस्त के साथ पूरी राशि आखिर किस आधार पर जारी कर दी गई?
विधायक ने कहा कि योजना की अगली किस्त जारी करने से पहले निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन होना चाहिए। ऐसे में अगर बिना मकान बने ही राशि जारी की गई है, तो यह अधिकारियों की लापरवाही है या फिर किसी तरह की मिलीभगत, इसकी जांच जरूरी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे, निगम कमिश्नर और स्थानीय पार्षदों के साथ बैठक भी की। इस बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े मामलों की जांच और शिकायतों पर चर्चा की गई।
विधायक के मुताबिक सिर्फ मौजूदा मामलों में ही नहीं, बल्कि साल 2017 में स्वीकृत किए गए कई मकानों को लेकर भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं।
रामनिवास शाह ने साफ कहा कि अगर जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यही है कि आखिर बिना निर्माण कार्य के प्रधानमंत्री आवास योजना की अगली किस्तें कैसे जारी हुईं? क्या इसमें सिर्फ लापरवाही हुई या फिर किसी तरह की सांठगांठ थी? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।

