शिवपुरी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम में उस वक्त सियासी चर्चा तेज हो गई, जब बदरवास जनपद अध्यक्ष मीरा बाई ने मंच से बोलने का मौका नहीं मिलने पर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर कर दी।
मीरा बाई का आरोप है कि जनपद अध्यक्ष होने के नाते वह कार्यक्रम के मंच से अपनी बात रखना चाहती थीं, लेकिन उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने इसके लिए क्षेत्रीय विधायक महेंद्र यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें मंच से बोलने से रोका गया।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद जनपद अध्यक्ष ने अपनी नाराजगी जाहिर की और महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए।
मीरा बाई की नाराजगी का वीडियो सामने आने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठ रहा है कि जब कार्यक्रम में एक निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि मौजूद थीं और वह मंच से अपनी बात रखना चाहती थीं, तो आखिर उन्हें बोलने का मौका क्यों नहीं दिया गया?
मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आरोप सीधे क्षेत्रीय विधायक पर लगाए गए हैं। हालांकि, विधायक महेंद्र यादव की ओर से फिलहाल इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब देखने वाली बात होगी कि जनपद अध्यक्ष मीरा बाई के आरोपों पर विधायक क्या सफाई देते हैं और कार्यक्रम से जुड़े जिम्मेदार लोग इस पूरे घटनाक्रम को किस तरह देखते हैं।
फिलहाल मंच से बोलने का मौका नहीं मिलने का यह मामला बदरवास की स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है और महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है।

