दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया में कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर बड़े गोविंद मंदिर में आस्था का सैलाब देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर में धार्मिक आयोजन शुरू हो गए और ठाकुर जी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी।
सुबह करीब 6 बजकर 30 मिनट पर ठाकुर जी को गर्भगृह से बाहर लाया गया और विधि-विधान के साथ दूध और दही से अभिषेक किया गया। इस विशेष अभिषेक में करीब एक क्विंटल दूध-दही का इस्तेमाल किया गया। अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
दतिया का बड़ा गोविंद मंदिर वर्षों पुराना और क्षेत्र का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है। मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। स्थानीय मान्यता के मुताबिक, गोविंद मंदिर के ठाकुर जी के यहां विराजमान होने के बाद आसपास का क्षेत्र गोविंदगंज के नाम से जाना जाने लगा।
इस बार मध्य प्रदेश में कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बड़े स्तर पर आयोजन किए जा रहे हैं। प्रदेश के 55 जिलों में 111 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 1500 से ज्यादा स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। वहीं प्रदेशभर के 7500 से अधिक श्रीकृष्ण मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की गई है।
‘घर-घर गोकुल, घर-घर गोपाल’ की थीम पर जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां 101 बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री इन बच्चों को माखन-मिश्री और लड्डू गोपाल की मूर्ति भेंट करेंगे। इसके साथ ही जन्मोत्सव के दौरान मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित होगा।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जानापाव पहुंचकर परशुराम-श्रीकृष्ण लोक का भूमिपूजन भी करेंगे। सरकार की ओर से श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को सांस्कृतिक पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
वहीं दतिया के बड़े गोविंद मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर दिखा दिया कि कृष्ण जन्माष्टमी सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि लोगों की गहरी आस्था और भक्ति से जुड़ा उत्सव है।

