सरपंच के नाम पर भ्रामक जानकारी का आरोप, सोशल मीडिया की अफवाहों पर ग्रामीणों में नाराजगी

आलीराजपुर। नानपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत भोरदिया में सरपंच और सरपंच प्रतिनिधि के नाम पर सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर गलत और भ्रामक जानकारी फैलाए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों में भी नाराजगी देखने को मिली।

मामले को लेकर सरपंच प्रतिनिधि अंगर सिंह चौहान ने गांव में बैठक आयोजित कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। बैठक में सोशल मीडिया और गांव में चल रही कथित अफवाहों और गलत जानकारियों को ग्रामीणों के सामने रखा गया।

सरपंच प्रतिनिधि ने ग्रामीणों से अपील की कि सोशल मीडिया पर आने वाली किसी भी जानकारी पर तुरंत विश्वास करने के बजाय पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन किसी खबर या दावे को आगे बढ़ाने से गांव का माहौल खराब हो सकता है।

बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने भी अपनी बात रखी। उनका कहना था कि ग्राम पंचायत में सरपंच सविता चौहान और उनके प्रतिनिधि अंगर सिंह चौहान की ओर से विकास और जनहित से जुड़े काम किए जा रहे हैं और पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यों की उन्हें जानकारी है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग व्यक्तिगत कारणों से सरपंच और उनके प्रतिनिधि की छवि खराब करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर कथित तौर पर गलत और भ्रामक बातें प्रसारित कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि या व्यक्ति के बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पंचायत के कामकाज या किसी मुद्दे को लेकर अगर कोई शंका है तो सीधे पंचायत प्रतिनिधियों से बातचीत की जानी चाहिए। अफवाहों के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय पहले वास्तविक तथ्य सामने लाने चाहिए।

वहीं सरपंच प्रतिनिधि अंगर सिंह चौहान ने कहा कि पंचायत ग्रामीणों के हित में लगातार काम कर रही है और आगे भी विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से गांव में आपसी भाईचारा बनाए रखने और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली कथित भ्रामक जानकारी को बिना सत्यापन आगे साझा नहीं करने की अपील की।

फिलहाल सोशल मीडिया पर कथित तौर पर गलत जानकारी फैलाने वाले व्यक्ति या इंस्टाग्राम आईडी की आधिकारिक पहचान सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले में कौन सही है और सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों की वास्तविकता क्या है, यह तथ्य सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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