भोपाल। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के अधिकारों और आरक्षण व्यवस्था में मौजूद विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर चलाया जा रहा ‘EWS क्रांति’ जनजागरण अभियान अब विदिशा पहुंच गया है। अभियान के पांचवें पड़ाव पर शनिवार को कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक नीमताल से भव्य मशाल जुलूस निकाला। हाथों में मशालें लेकर निकले कार्यकर्ता शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए माधवगंज पहुंचे, जहां जुलूस का समापन किया गया।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने EWS से जुड़ी अपनी 20 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। आंदोलनकारियों ने EWS आरक्षण व्यवस्था में बुनियादी बदलाव की मांग उठाते हुए आरक्षण को मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की मांग की।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि EWS आरक्षण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि सिर्फ आय सीमा के आधार पर पात्रता तय की जाए और मकान, जमीन और प्लॉट से जुड़ी अतिरिक्त बाध्यताओं को समाप्त किया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आरक्षण का वास्तविक लाभ मिल सके।
अभियान प्रमुख और करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह राघव ने कहा कि इस जनजागरण अभियान की शुरुआत धर्मनगरी उज्जैन से हुई थी और विदिशा इसका पांचवां पड़ाव है। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरी आरक्षण व्यवस्था की आर्थिक आधार पर समीक्षा करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यूजीसी से जुड़े कथित ‘काले कानून’ को वापस लेने की मांग भी उठाई।
वहीं जिलाध्यक्ष पिंटू बना ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के युवाओं और परिवारों को EWS का वास्तविक और व्यावहारिक लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं होता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
मशाल जुलूस के जरिए कार्यकर्ताओं ने सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि 20 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और EWS आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की इस मांग पर आगे क्या फैसला होता है।

