मुरैना 2021 से सागर 2026 तक वही कनेक्शन? जहरीली शराबकांड पर कांग्रेस ने उठाए बड़े सवाल

भोपाल। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। लेकिन अब इस मामले में एक ऐसा कनेक्शन सामने आया है, जिसे लेकर कांग्रेस ने सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि 2021 में मुरैना में हुए जहरीली शराबकांड और 2026 में सागर की घटना के बीच एक अधिकारी का कनेक्शन सामने आ रहा है।

दरअसल, 2021 में मुरैना में जहरीली शराब से 24 लोगों की मौत हुई थी। उस समय जिले के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया थे। अब सागर में जहरीली शराब से मौतों की घटना के दौरान भी अनुराग सुजानिया सागर के एसपी हैं। इसी तथ्य को कांग्रेस ने सरकार के सामने बड़ा सवाल बनाकर पेश किया है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने सवाल किया कि मुरैना जैसी दर्दनाक घटना के करीब पांच साल बाद भी सरकार ने उससे क्या सबक लिया? कांग्रेस ने पूछा कि जिस अधिकारी के कार्यकाल में मुरैना में जहरीली शराब से 24 लोगों की मौत हुई, उसी अधिकारी को दोबारा सागर जैसे संवेदनशील जिले की जिम्मेदारी क्यों दी गई?

कुणाल चौधरी ने आरोप लगाते हुए यह भी सवाल किया कि क्या प्रदेश में शराब माफिया और प्रशासनिक तंत्र के बीच कोई साठगांठ है? उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कांग्रेस ने सागर शराबकांड को प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला बताते हुए आबकारी मंत्री और पुलिस महानिदेशक के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। पार्टी का आरोप है कि सिर्फ निचले स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई करके बड़े जिम्मेदार अधिकारियों को बचाया जा रहा है।

वहीं सरकार ने साफ कहा है कि जहरीली शराब जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए सख्त जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

मामले में सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते, बंडा आबकारी उपनिरीक्षक रोशनी उरेते, बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र कुशवाहा और गूगरा चौकी प्रभारी एएसआई पूरन सिंह को निलंबित किया गया है। वहीं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी को ग्वालियर अटैच किया गया है।

पुलिस ने बंडा और विनायक थाने में जहरीली शराब की तस्करी और बिक्री से जुड़े 30 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें से 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

शुरुआती जांच में अवैध शराब नेटवर्क के तार उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़े होने की बात भी सामने आई है। इलाके की कई शराब दुकानों को सील कर शराब के सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जहरीली शराब का नेटवर्क आखिर कितना बड़ा है और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

सागर की इस त्रासदी के बाद सरकार की कार्रवाई जारी है, लेकिन कांग्रेस के सवालों ने एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा जरूर खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और क्या इस मामले में सिर्फ स्थानीय स्तर पर कार्रवाई होती है या जिम्मेदारी ऊपर तक तय की जाती है।

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