भोपाल। सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का मामला अब मध्य प्रदेश की सियासत में तूल पकड़ता जा रहा है। बंडा के लिए रवाना होने से पहले छतरपुर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार, पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि राजनीतिक संरक्षण के बिना राज्य में अवैध शराब का कारोबार चलना संभव नहीं है।
छतरपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह सिर्फ कुछ लोगों की मौत का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय अवैध शराब के पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय नेताओं, पुलिस अधिकारियों और प्रशासन की मिलीभगत और संरक्षण के बिना इस तरह का अवैध कारोबार लंबे समय तक नहीं चल सकता।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सागर के वर्तमान पुलिस अधीक्षक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी के कार्यकाल में पहले मुरैना में जहरीली शराब से मौतों की घटना सामने आई थी, वही अधिकारी अब सागर में पदस्थ हैं और यहां भी ऐसी घटना सामने आ गई। दिग्विजय सिंह ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह सामने आ सके कि अवैध शराब के इस कारोबार के पीछे असली संरक्षक कौन हैं।
वहीं, छतरपुर में खराब सड़कों को लेकर हो रहे प्रदर्शन और भाजपा विधायक ललिता यादव द्वारा उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल की सड़कों पर सवाल उठाए जाने पर भी दिग्विजय सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति खराब थी, क्योंकि उस समय केंद्र सरकार से पर्याप्त फंड नहीं मिलता था। हालांकि, उनके मुताबिक राज्य और जिला स्तर की सड़कें उस समय काफी बेहतर स्थिति में थीं।
बंडा जहरीली शराब कांड को लेकर दिग्विजय सिंह के इन तीखे आरोपों के बाद मध्य प्रदेश की सियासत और गरमा गई है। अब बड़ा सवाल यही है कि इन गंभीर आरोपों पर शासन और प्रशासन की ओर से क्या जवाब आता है और जहरीली शराब के इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ आगे कितनी सख्त कार्रवाई की जाती है।

