पन्ना। पन्ना जिले के विश्व पर्यटन ग्राम मडला में फसल बर्बाद होने से परेशान एक किसान की केन नदी में डूबने से मौत हो गई। 32 वर्षीय किसान रणधीर यादव के नदी में कूदने की घटना के तीसरे दिन SDRF और NDRF की संयुक्त टीम ने घटनास्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर उनका शव बरामद किया। शव मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
बताया जा रहा है कि रणधीर यादव पहले पन्ना टाइगर रिजर्व में गाइड और ड्राइविंग का काम करते थे। लेकिन बूढ़े माता-पिता और छोटे बच्चों की जिम्मेदारी को देखते हुए वह गांव लौट आए और अपनी करीब 2 से 3 एकड़ जमीन पर खेती करने लगे।
परिवार के मुताबिक, पिछले 7 से 8 वर्षों से लगातार सूखा और अतिवृष्टि के कारण खेती में नुकसान हो रहा था। इस साल भी लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने उनकी पूरी फसल को बर्बाद कर दिया। फसल तबाह होने के बाद रणधीर गहरे तनाव में थे।
बताया जा रहा है कि 14 सितंबर को वह खेत में चारा काट रहे थे। इसी दौरान वह नदी की तरफ चले गए। कुछ देर बाद नदी किनारे उनकी चप्पलें मिलीं, जिसके बाद आशंका जताई गई कि उन्होंने नदी में छलांग लगा दी है। इसके बाद पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने नदी में तलाश शुरू की।
कई घंटों की तलाश के बाद भी जब उनका पता नहीं चला, तो SDRF और NDRF की संयुक्त टीम ने अभियान जारी रखा। आखिरकार घटना के तीसरे दिन घटनास्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर किसान का शव बरामद कर लिया गया।
थाना प्रभारी बखत सिंह के अनुसार, पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की वैधानिक जांच शुरू कर दी गई है।
रणधीर यादव अपने पीछे वृद्ध माता-पिता, पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार के कमाऊ सदस्य के चले जाने से अब उनके सामने रोजी-रोटी का भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
यह घटना एक बार फिर खेती पर मौसम की मार और उससे जूझ रहे किसान परिवारों की मुश्किलों को सामने लाती है। अब सवाल यही है कि प्रशासन इस परिवार की मदद के लिए क्या कदम उठाता है और लगातार फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

