जबलपुर। बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम उर्फ छोटे सरकार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। कोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त जमानत दी है। शालिग्राम 15 जुलाई 2026 से जेल में बंद हैं और अब करीब दो महीने बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। यह फैसला जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की बेंच ने सुनाया है।
दरअसल, यह मामला छतरपुर के रघुराजनगर थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि मोतीलाल कुशवाहा को स्कूल के पास रोककर उनके साथ मारपीट की गई थी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शालिग्राम उर्फ छोटे सरकार पर गाली-गलौज करने और सह-आरोपियों को हमला करने के लिए उकसाने का आरोप लगा था। साथ ही मोतीलाल कुशवाहा के पेट में गोली मारने का आरोप भी सामने आया था।
वहीं शालिग्राम की ओर से इन आरोपों को गलत बताया गया था। उनका कहना था कि राजनीतिक दबाव और पुरानी रंजिश के चलते उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष की ओर से घटना का मोबाइल वीडियो मौजूद होने की बात भी अदालत के सामने रखी गई थी।
इस मामले में BNS की धारा 109(1), 296(B), 351(3), 3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जिला अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद शालिग्राम ने हाईकोर्ट का रुख किया था।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में 10 सितंबर को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी। अदालत ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब कोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त जमानत मंजूर कर दी है।
यानी करीब दो महीने से जेल में बंद शालिग्राम उर्फ छोटे सरकार को अब अदालत के आदेश के बाद रिहाई मिल सकेगी। हालांकि यह जमानत सशर्त है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

