राहुल गांधी के दौरे पर CM मोहन यादव और शिक्षा मंत्री का पलटवार! बोले- 55 साल में क्या किया, जवाब दें

भोपाल। राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे और कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है। दोनों नेताओं ने कांग्रेस के लंबे शासनकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब जनता हिसाब मांग रही है और राहुल गांधी को बताना होगा कि 55 साल के शासन में विकास की गति क्यों धीमी रही।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश में करीब 55 साल तक कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन उस दौरान विकास के नाम पर उपेक्षा हुई। उन्होंने बजट का आंकड़ा सामने रखते हुए कहा कि 55 साल पहले देश का बजट करीब 22 हजार करोड़ रुपये था, जबकि आज भाजपा सरकार में बजट 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि इतना समय क्यों गंवाया गया, इसका जवाब राहुल गांधी को देना होगा। उन्होंने लोकसभा में नारी वंदन अधिनियम के विरोध का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि क्या कांग्रेस देश की आधी आबादी की भागीदारी को नहीं मानती।

मुख्यमंत्री ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि वहां एक भी महिला मंत्री क्यों नहीं बनाई गई। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को आत्मनिरीक्षण करने की नसीहत दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा शासन में मध्य प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है और युवाओं का भविष्य सुरक्षित है।

वहीं शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे को लेकर कहा कि उन्हें मध्य प्रदेश आने के बजाय कर्नाटक, तेलंगाना और पंजाब जाना चाहिए था। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ने गलत प्रदेश चुन लिया है, क्योंकि मध्य प्रदेश में सरकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर पहुंच रहा है और शिक्षा का भविष्य हाईटेक एजुकेशन की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी तरह की कोई कमी या समस्या नहीं है।

शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक कांग्रेस की सरकार रही, तब तक देश और प्रदेश के लिए पर्याप्त काम नहीं किया गया।

उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षाकर्मी कल्चर कांग्रेस के समय शुरू हुआ था, जबकि आज भाजपा सरकार अतिथि शिक्षकों को भी 15 हजार, 12 हजार और 20 हजार रुपये तक का मानदेय दे रही है।

एक तरफ कांग्रेस छात्रों और स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा नेता पुराने शासनकाल, बजट, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों पर कांग्रेस से जवाब मांग रहे हैं।

अब देखना होगा कि राहुल गांधी और कांग्रेस इन सवालों का क्या जवाब देते हैं और मध्य प्रदेश की सियासत में यह जुबानी जंग आगे किस रूप में दिखाई देती है।

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