डबरा। ग्वालियर के डबरा में स्थित एकमात्र रेलवे ब्रिज इन दिनों जर्जर हालत में है और स्थानीय लोगों के लिए यह अब मौत का पुल बनता जा रहा है। पुल के दोनों ओर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक के लिए सांकेतिक बोर्ड तो लगाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद भारी वाहन धड़ल्ले से गुजर रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि पुल के नीचे अब भी दुकानें संचालित हो रही हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका और बढ़ गई है।
इस ब्रिज की मरम्मत के लिए बीजेपी सांसद भारत सिंह कुशवाह ने शासन से करीब ढाई करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कराई थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि दो महीने बीत जाने के बाद भी एमपीआरडीसी मरम्मत का काम शुरू नहीं कर पाई है। सवाल यह उठ रहा है कि जब फंड मंजूर हो चुका है तो फिर काम में इतनी देरी क्यों हो रही है, क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।
इस पूरे मामले पर क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक सुरेश राजे ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पुल की हालत बेहद खराब है, मरम्मत के लिए टेंडर भी हो चुके हैं, फिर भी काम शुरू नहीं किया जा रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एमपीआरडीसी की टीम किस बात का इंतजार कर रही है, क्योंकि इस पुल से रोज गुजरने वाली जनता की जान खतरे में है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
वहीं इस मामले में एसडीएम रूपेश सिंघई ने बताया कि आदेश जारी होने के बाद भारी वाहनों को रोकने के लिए दो बार बैरिकेडिंग की गई, लेकिन वे टूट गए। अब भारी वाहनों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुल के नीचे जो दुकानें चल रही हैं, उन्हें हटाया जाएगा, लेकिन एमपीआरडीसी द्वारा मरम्मत का काम शुरू होते ही यह कार्रवाई तुरंत की जाएगी। फिलहाल पुल की हालत और प्रशासन की सुस्ती लोगों के लिए चिंता का बड़ा कारण बनी हुई है।

