सिंगरौली। मध्य प्रदेश से सटी छत्तीसगढ़ सीमा पर बसे सिंगरौली के माड़ा रेंज में इन दिनों ठंड नहीं बल्कि लकड़ी माफिया की गर्म आरी चल रही है। जंगल लगातार कट रहे हैं, तस्कर बेखौफ हैं और पूरा सिस्टम रजाई ओढ़कर गहरी नींद में सोया हुआ नजर आ रहा है। यह आरोप यूं ही नहीं लग रहे, क्योंकि एक वायरल वीडियो ने प्रशासन की नींद पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में तस्कर खुलेआम कहता दिखाई दे रहा है कि वह 1000 रुपये में लकड़ी देता है। माड़ा रेंज के धरी, बिंदुल और चूड़ी पाठ जैसे रास्तों से रोजाना लकड़ी की तस्करी हो रही है। कागजों में 24 घंटे निगरानी का दावा है, लेकिन हकीकत यह है कि रात होते ही जंगल में आरी की आवाजें गूंजने लगती हैं, बाइक पर लकड़ी लादी जाती है और सुबह जंगल ऐसे नजर आते हैं मानो पेड़ अपने आप गायब हो गए हों।
सबसे हैरान करने वाली वजह ठंड बताई जा रही है, इतनी ठंड कि अधिकारियों के लिए गश्त करना स्वास्थ्य के लिए खतरा माना जा रहा है। सवाल यह है कि अगर ठंड इतनी ही जानलेवा है तो जंगल कटने से किसे रोका जा रहा है, और इन पेड़ों की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा। या फिर यह मान लिया जाए कि सिस्टम की नींद हर गिरते पेड़ के साथ और गहरी होती जा रही है।
माड़ा रेंज में हालात यह हैं कि 1000 रुपये में लकड़ी मिल रही है और सिस्टम को नींद फ्री में नसीब है। जंगल कट रहे हैं, तस्कर मुस्कुरा रहे हैं और वन विभाग रजाई में सिमटा हुआ है। अगर यही हालात रहे तो आने वाली पीढ़ियों को जंगल धरती पर नहीं, सिर्फ किताबों और तस्वीरों में ही देखने को मिलेंगे।

