उत्तर प्रदेश के ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत अब सिविल सर्विसेज और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। योगी सरकार 30 जनवरी तक सभी जिलों में आईटी उपकरणों की खरीद पूरी कर ग्राम पंचायत सचिवालयों में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इस पहल को ग्रामीण प्रतिभाओं को उनके ही गांव में बड़े कोचिंग और अध्ययन केंद्रों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। 26 जनवरी तक लाइब्रेरी के लिए फर्नीचर की खरीद पूरी करने की कोशिश की जा रही है, जिसके बाद डिजिटल लाइब्रेरी संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएंगी।
पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि इन डिजिटल लाइब्रेरी में वाई-फाई, एलईडी स्क्रीन, सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर सिस्टम के साथ-साथ किताबों और डिजिटल कंटेंट की समृद्ध व्यवस्था होगी। ई-बुक्स, वीडियो और ऑडियो लेक्चर, क्विज और लाखों डिजिटल शैक्षणिक सामग्री के जरिए ग्रामीण युवा अब अपने गांव में रहकर ही उच्च स्तरीय तैयारी कर सकेंगे।
प्रदेश के हर जिले की ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। प्रत्येक लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें दो लाख रुपये की पुस्तकें, एक लाख तीस हजार रुपये के आईटी उपकरण और सत्तर हजार रुपये के आधुनिक फर्नीचर शामिल होंगे। सरकार का मानना है कि यह पहल ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर युवाओं को बराबरी का अवसर देने वाला मजबूत कदम साबित होगी।
पंचायत स्तर पर इन लाइब्रेरी की नियमित निगरानी भी की जाएगी। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव लाइब्रेरी का प्रबंधन संभालेंगे, जबकि सहायक अधिकारी इसकी लगातार मॉनिटरिंग करेंगे। इस व्यवस्था से ग्रामीण इलाकों में शिक्षा का स्तर मजबूत होगा और युवा रोजगार व प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पहले से ज्यादा सक्षम बन सकेंगे।

