मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों से जुड़ी एक अहम और बड़ी खबर सामने आई है। अब प्रदेश में किसी भी विभाग में वित्त विभाग की अनुमति के बिना आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती नहीं की जा सकेगी। भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले संबंधित विभागों को अनिवार्य रूप से वित्त विभाग से आउटसोर्स नियुक्ति की अनुमति लेनी होगी। इस फैसले के साथ ही वर्ष 2023 में जारी किया गया पुराना आदेश अब निरस्त कर दिया गया है।
वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि आउटसोर्स भर्ती के खिलाफ लंबे समय से मध्य प्रदेश के लगभग सभी कर्मचारी संगठन विरोध जता रहे थे। कर्मचारियों का कहना था कि आउटसोर्स व्यवस्था से स्थायी रोजगार और अधिकारों पर असर पड़ रहा है।
नई व्यवस्था के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती अब सीधे कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से ही की जाएगी। अभी तक कई सरकारी विभाग अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति कर रहे थे, लेकिन अब इस पर सख्ती लग गई है। माना जा रहा है कि इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों को राहत मिलेगी।


