भोपाल। UGC के नए नियमों को लेकर मध्य प्रदेश में भी सियासी और सामाजिक बवाल शुरू हो गया है। सवर्ण वर्ग में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है, वहीं सपाक्स पार्टी ने सड़कों पर उतरकर नए कानून का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सरकार से तीखे सवाल किए हैं।
राजधानी में 7 नंबर चौराहे के पास सवर्ण समाज के लोगों ने हाथों में बैनर लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि UGC के नए नियमों से सवर्ण वर्ग के छात्रों का शोषण बढ़ेगा और यह कानून किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। सपाक्स पार्टी ने इसे भेदभावपूर्ण कानून बताते हुए कहा कि इससे एक वर्ग विशेष के छात्रों को नुकसान होगा और यह सामान्य वर्ग के साथ अन्याय है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि देश में कई वर्ग हैं और सरकार को कानून बनाते समय सभी की राय को महत्व देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार चौपाल और जनसंवाद की बात करती है, लेकिन कानून बनाते वक्त सभी वर्गों से चर्चा क्यों नहीं की जाती। सिंघार ने यह भी कहा कि बीजेपी ग्राम सभाओं के जरिए कई अभियान चलाती है, लेकिन कानून निर्माण के समय इन प्रक्रियाओं को नजरअंदाज कर देती है।
वहीं उमंग सिंघार के बयान पर बीजेपी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। बीजेपी प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि संसद में विस्तृत चर्चा के बाद ही कोई बिल पास होता है और सांसद जनता के प्रतिनिधि होते हैं। उन्होंने कहा कि संसद सदस्यों की राय को ही जनता की राय माना जाता है और नेता प्रतिपक्ष को भी संसदीय प्रक्रिया की मर्यादा समझनी चाहिए।

