भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने पचमढ़ी नगर के साडा नियंत्रण वाले नजूल क्षेत्र की सीमा में संशोधन करते हुए 395.939 हेक्टेयर भूमि को पचमढ़ी अभयारण्य क्षेत्र से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित करने की स्वीकृति दे दी है।
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास के लिए अगले पांच वर्षों, वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 390 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग, वन्यप्राणी सुरक्षा, चारागाह और जल स्रोतों का विकास, अग्नि सुरक्षा, वन्य प्राणी उपचार, स्वास्थ्य परीक्षण और कौशल उन्नयन जैसे कार्य किए जाएंगे।
नर्मदापुरम जिले में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी बड़े फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने दो सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 215 करोड़ 47 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। तवा परियोजना की दांयी तट नहर से बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना पर 86 करोड़ 76 लाख रुपये खर्च होंगे, जिससे 4200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी और बाबई व सोहागपुर तहसील के 33 गांव लाभान्वित होंगे।
इसके अलावा तवा परियोजना की दांयी तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना के लिए 128 करोड़ 71 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से 6000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और सोहागपुर तहसील के 30 गांवों को इसका लाभ मिलेगा।
कैबिनेट ने जनजातीय कार्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और राजस्व विभाग की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 17 योजनाओं की निरंतरता के लिए 17 हजार 864 करोड़ 26 लाख रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की है। इसके तहत जनजातीय कार्य विभाग की 15 योजनाओं के लिए 377 करोड़ 26 लाख रुपये, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजना के लिए 15 हजार करोड़ रुपये और राजस्व विभाग के कार्यालय व आवासीय भवन निर्माण के लिए 2 हजार 487 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
बेरोजगार युवाओं के लिए कैबिनेट से बड़ी राहत की खबर भी सामने आई है। मंत्रि-परिषद ने पिछड़े वर्ग के युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाने के लिए संशोधित योजना “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025” को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत अगले तीन वर्षों में 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और हर साल पिछड़े वर्ग के 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा।

