जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में धान उपार्जन प्रक्रिया में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जहां सिहोरा विकासखंड की सेवा सहकारी समिति लखनपुर में फर्जी किसानों के नाम पर पंजीयन कर शासन को करीब 97 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया गया है और इस मामले में समिति प्रबंधक अखिलेश पटेल और कंप्यूटर ऑपरेटर अनुराधा पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के नाम पर ई-उपार्जन पोर्टल पर कुल 24 फर्जी किसानों का पंजीयन किया गया और कागजों में 88.05 हेक्टेयर भूमि दर्शाकर धान खरीदी का रिकॉर्ड तैयार कर दिया गया जबकि जमीनी हकीकत में कोई धान खरीदा ही नहीं गया, जांच में सामने आया कि सभी किसान पूरी तरह फर्जी थे और पूरा पंजीयन मनगढ़ंत तरीके से किया गया था, फर्जीवाड़ा पोर्टल बंद होने से ठीक पहले किया गया ताकि मामला दब जाए लेकिन जिला प्रशासन की सतर्कता से यह घोटाला उजागर हो गया।
मामला सामने आते ही जिला प्रशासन ने सिहोरा थाना पुलिस में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सरकारी धन की हेराफेरी के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपी प्रबंधक व ऑपरेटर से पूछताछ जारी है, प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और अगर किसी बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ाया जाएगा।

