भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में सियासत उस वक्त गरमा गई जब कैलाश विजयवर्गीय और उमंग सिंघार के बीच उतावलेपन को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई। सदन का माहौल अचानक तब बदल गया जब कैलाश विजयवर्गीय ने कहा— “आपके उतावलेपन से मैं उस दिन गर्म हो गया था।” इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा— “जब आप उतावले होते हैं तो मुंह से क्या-क्या निकलता है।”
एमपी विधानसभा के बजट सत्र के छठवें दिन किसानों के मुद्दे पर ध्यानाकर्षण चर्चा चल रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वक्तव्य के बाद उमंग सिंघार ने कपास और सोयाबीन को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाए। जवाब में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री कभी भी वक्तव्य दे सकते हैं और नेता प्रतिपक्ष कभी भी प्रतिक्रिया दे सकते हैं, लेकिन उतावले मत होइए… क्योंकि आपके उतावलेपन से ही मैं उस दिन गर्म हो गया था।
दरअसल, यह पूरा विवाद उस पुराने बयान से जुड़ा है जब राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अदाणी ग्रुप के मुद्दे पर सदन में हंगामा हुआ था। उसी दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने तीखे शब्दों में कहा था— “औकात में रहो!” इस बयान के बाद विपक्ष ने जोरदार नारेबाजी की और इस्तीफे की मांग उठी। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस पर अफसोस जताया था, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माफी भी मांगी थी।
लेकिन विवाद यहीं नहीं थमा। जब मीडिया ने कैलाश विजयवर्गीय से पूछा कि मुख्यमंत्री ने आपकी ओर से माफी मांगी है, तो उन्होंने हल्के अंदाज में कहा— “कप्तान है वो तो यार, माफी मांगी तो क्या हो गया।” इसके बाद जब पत्रकारों ने चुटकी लेते हुए पूछा कि क्या उनकी जुबान पर शनि बैठा है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया— “ये किसी ज्योतिषी से पूछूंगा यार।”
सदन के भीतर शुरू हुई यह बहस अब सियासी गलियारों से निकलकर सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है, जहां इस बयानबाजी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। उतावलेपन की इस चर्चा ने एक बार फिर मध्य प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है।

