ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बेटी को ससुराल में तंग किए जाने की शिकायत पर बातचीत करने गए एक किसान को अपनी जान गंवानी पड़ी। मामला मुरार थाना क्षेत्र के मोहनपुर हाइवे का है, जहां समधी, भाई और भतीजों समेत कई लोगों ने मिलकर 64 साल के राजेंद्र सिंह गुर्जर को बेरहमी से पीट दिया।
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल राजेंद्र सिंह दो दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते रहे, लेकिन आखिरकार इलाज के दौरान उनका दम टूट गया। मृतक की बेटी अनीता गुर्जर का आरोप है कि आरोपी पहले उसके भाई को मारने आए थे, लेकिन जब वह नहीं मिला तो उसके पिता को निशाना बना लिया।
बताया जा रहा है कि राजेंद्र सिंह गुर्जर ने करीब 10 साल पहले अपनी बेटी अनीता की शादी बिजौली बीरमपुर निवासी अनिल सिंह से की थी, जो CISF में पदस्थ है। शादी के बाद से ही अनीता का आरोप है कि ससुराल पक्ष उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था। दो महीने पहले पुश्तैनी जमीन में हिस्सेबांट के बाद विवाद और बढ़ गया था। परेशान होकर अनीता ने यह बात अपने पिता को बताई थी, जिसके बाद राजेंद्र सिंह ने ससुराल पक्ष से बात की और यहीं से तनाव गहराता चला गया।
20 फरवरी की शाम आरोप है कि ससुराल पक्ष के कई लोग मोहनपुर के पास राजेंद्र सिंह को घेरकर खड़े हो गए। बंदूकों की बट और लाठियों से उनकी बेरहमी से पिटाई की गई और उन्हें गंभीर हालत में सड़क किनारे छोड़कर सभी फरार हो गए। घायल हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और थाने में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
शनिवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। रविवार को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों ने बेटी के ससुराल वालों पर सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुटी है। अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे साफ होगा कि मौत की असली वजह क्या रही। एक पिता, जो बेटी के सम्मान की लड़ाई लड़ने निकला था, अब खुद न्याय की प्रतीक्षा में है।

