ग्वालियर। जीवाजी यूनिवर्सिटी में कार्यरत एक कर्मचारी की आत्महत्या से पूरे परिसर में शोक और सनसनी का माहौल है। सेंट्रल लाइब्रेरी की तीसरी मंजिल से छलांग लगाने वाले कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ट्रांसफर के बाद ज्वाइनिंग न मिलने से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान अंगद जाटव के रूप में हुई है, जो विश्वविद्यालय में माली के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने लाइब्रेरी की तीसरी मंजिल से छलांग लगाई, जिससे वह पहले टीनशेड पर गिरे और फिर जमीन पर आ गिरे। गंभीर रूप से घायल हालत में उन्हें निजी अस्पताल और बाद में ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि अंगद का ट्रांसफर सेंट्रल लाइब्रेरी से भाषा अध्ययन विभाग में किया गया था, लेकिन पिछले 19 दिनों से उन्हें नई जगह ज्वाइनिंग नहीं दी जा रही थी। इसी मानसिक तनाव के कारण उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। परिवार ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मृतक की बेटी गायत्री को नौकरी देने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लिया है। कुलगुरु के निर्देश पर ट्रांसफर के बाद ज्वाइनिंग न दिए जाने के आरोपों पर रिपोर्ट तलब की गई है। वहीं थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

