जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में अवैध प्लॉटिंग को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। बिना अनुमति कॉलोनी विकसित कर प्लॉट बेचने के मामले में कार्रवाई तेज कर दी गई है और दो कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। मामला शहर के पनागर क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक पनागर तहसील के अंतर्गत पिपरिया बनियाखेड़ा में बिना लाइसेंस 115 प्लॉट बेचे गए। आरोप है कि मोहम्मद अजहर उस्मानी और विष्णु कुशवाहा ने लगभग 1.79 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित कर प्लॉटों की बिक्री की। प्रशासन का कहना है कि कॉलोनी विकसित करने से पहले जरूरी अनुमति और लाइसेंस नहीं लिए गए थे।
इसी तरह पनागर के खिरिया कला क्षेत्र में खसरा नंबर 208/2/2 में भी अवैध प्लॉटिंग का मामला सामने आया है, जहां 59 प्लॉट बेचे जाने की जानकारी मिली है। इस मामले में बिल्डर आर्या ग्रुप प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स से जुड़े मोहम्मद मजहर उस्मानी, विवेक सोनी और नीलेश पटेल के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि बिना अनुमति कॉलोनी डेवलप कर प्लॉट बेचे गए।
अब कॉलोनी सेल इन चारों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया में है। प्रशासन का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद शहर में अन्य अवैध प्लॉटिंग करने वालों में भी हड़कंप मच गया है।

