खंडवा। राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे से पहले मध्य प्रदेश की सियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर बीजेपी और कांग्रेस नेता आमने-सामने आ गए हैं। खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के बयान के बाद हरदा से कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने ने बेहद तल्ख अंदाज में पलटवार किया है।
दरअसल, बीजेपी सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने राहुल गांधी के इंदौर दौरे पर तंज कसते हुए कहा था कि उन्होंने सुना है कि इंदौर में सर्कस का शो होने वाला है। सांसद के इस बयान के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली।
खंडवा में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में पहुंचे कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने ने इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के विपक्ष के नेता हैं और उनके पद की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए। विधायक ने कहा कि अगर बीजेपी इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल करेगी, तो कांग्रेस भी उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब देगी।
रामकिशोर दोगने ने बीजेपी नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि जो नेता राहुल गांधी के कार्यक्रम को सर्कस बता रहे हैं, दरअसल उनके जैसे जानवरों को नचाने के लिए ही राहुल गांधी आ रहे हैं। इस बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में सियासी पारा और चढ़ गया है।
विधायक दोगने ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन नेताओं को बयान देते समय गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मुद्दों के बीच राहुल गांधी छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके मुताबिक, इंदौर में होने वाला ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम देशभर के छात्रों की आवाज को एक मंच देगा और उनके मुद्दों को मजबूती से उठाएगा।
अब सवाल यही है कि राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले शुरू हुई ये जुबानी जंग आने वाले दिनों में और कितनी तेज होती है, और क्या ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम सियासी मुद्दों का नया अखाड़ा बनता है।

