उज्जैन। उज्जैन से सेवा, संवेदनशीलता और मानवता की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-2026 में शामिल होने आए हजारों विद्यार्थियों और उनके परिजनों के लिए श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने विशेष व्यवस्था करते हुए नि:शुल्क जलपान और अल्पाहार उपलब्ध कराया। इस पहल का उद्देश्य परीक्षा के तनाव के बीच अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को राहत देना था।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप मंदिर समिति ने जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर सेवा कार्य संचालित किया। परीक्षा के दिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अभिभावक सुबह से ही केंद्रों के बाहर मौजूद रहे। ऐसे में गर्मी, लंबा इंतजार और परीक्षा की चिंता के बीच नि:शुल्क भोजन और जलपान की व्यवस्था उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई।
मंदिर प्रशासन के अनुसार इस वर्ष NEET परीक्षा में शामिल होने के लिए करीब 4 हजार से अधिक परीक्षार्थी उज्जैन पहुंचे थे। बाहर से आने वाले विद्यार्थियों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए महाकाल मंदिर के प्रसिद्ध नि:शुल्क अन्नक्षेत्र के माध्यम से भोजन और पेयजल की व्यवस्था की गई। इस दौरान परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद लोगों को समय-समय पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों को सकारात्मक माहौल देना भी था, ताकि वे तनावमुक्त होकर परीक्षा में शामिल हो सकें। परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण घड़ी में उन्हें यह महसूस हो कि महाकाल की नगरी में उनका स्वागत और सम्मान है।
इस सेवा कार्य को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई थी। विभिन्न टीमों ने सुबह से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक व्यवस्थाओं पर नजर रखी और जरूरतमंदों तक भोजन तथा जलपान पहुंचाया। पूरे आयोजन की मॉनिटरिंग प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद अभिभावकों ने इस पहल की जमकर सराहना की। कई लोगों ने कहा कि दूसरे शहरों में परीक्षा के दौरान खाने-पीने और बैठने की व्यवस्था को लेकर अक्सर परेशानी होती है, लेकिन उज्जैन में मिला यह सेवा भाव और अपनापन उनके लिए यादगार अनुभव बन गया। अभिभावकों का कहना था कि महाकाल की नगरी में मिली यह व्यवस्था सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि श्रद्धा और मानवता का अद्भुत उदाहरण है।
NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के बीच उज्जैन से सामने आई यह पहल एक बार फिर साबित करती है कि महाकाल की नगरी केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सेवा और संस्कारों की भी पहचान है। यहां आने वाला हर व्यक्ति केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि अपनापन और सहयोग की भावना भी महसूस करता है।

