जबलपुर। मध्य प्रदेश का चर्चित पर्यटन स्थल बरगी डैम एक बार फिर दुखद घटना की वजह से सुर्खियों में है। क्रूज हादसे की दर्दनाक यादें अभी लोगों के दिलों से मिट भी नहीं पाई थीं कि अब यहां एक और जिंदगी पानी में समा गई। नहाने के दौरान एक व्यक्ति गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाया और देखते ही देखते डैम की लहरों में डूब गया। इस हादसे ने एक बार फिर बरगी डैम की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाल ही में इसी बरगी डैम ने मध्य प्रदेश के सबसे बड़े जल हादसों में से एक को देखा था, जब अचानक आए तूफान के कारण पर्यटकों से भरा क्रूज पलट गया था। उस भयावह हादसे में 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद लाइफ जैकेट, सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर सवाल उठे थे। अब एक और मौत ने उन चिंताओं को फिर से जिंदा कर दिया है।
मृतक की पहचान 46 वर्षीय ईश्वर सिंह के रूप में हुई है, जो जबलपुर के कटंगा क्षेत्र के निवासी थे। बताया जा रहा है कि ईश्वर सिंह अपनी पत्नी कुलविंदर कौर और दोनों बेटों के साथ घूमने के लिए पायली गए थे। वापसी के दौरान परिवार बरगी डैम के पास कुछ देर के लिए रुका। इसी दौरान ईश्वर सिंह अपने एक बेटे के साथ पानी में नहाने के लिए उतर गए, जबकि उनकी पत्नी और दूसरा बेटा घाट किनारे बैठे रहे।
नहाते समय ईश्वर सिंह धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर बढ़ गए और अचानक संतुलन खो बैठे। गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण वे पानी में डूबने लगे। यह देख उनकी पत्नी ने घबराकर मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय नाविकों, पुलिस और रेस्क्यू टीम ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। काफी देर तक चली खोजबीन और मशक्कत के बाद ईश्वर सिंह का शव पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
इस ताजा हादसे ने फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बरगी डैम जैसे बड़े पर्यटन स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम कितने प्रभावी हैं। एक के बाद एक सामने आ रही घटनाएं इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्कता और ठोस कदम उठाने की जरूरत है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

