इंदौर। शहर में अवैध होर्डिंग और पोस्टरों को लेकर कांग्रेस ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए नियमों के विरुद्ध लगाए गए होर्डिंग हटाने की मांग की। लेकिन इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस खुद ही विपक्ष के निशाने पर आ गई और पार्टी की मंशा पर सवाल उठने लगे।
दरअसल, कुछ ही दिन पहले कांग्रेस की नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष के स्वागत में शहरभर में बड़े-बड़े होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए थे। ऐसे में अब उसी पार्टी का अवैध होर्डिंग के खिलाफ प्रदर्शन करना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर में नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर अवैध होर्डिंग लगाए जा रहे हैं, जिससे शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है। उन्होंने नगर निगम से मांग की कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाए और अवैध पोस्टर व होर्डिंग तुरंत हटाए जाएं।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठने लगा कि क्या नियम सभी राजनीतिक दलों पर समान रूप से लागू होंगे या फिर सिर्फ विरोधियों के लिए ही कार्रवाई होगी। क्योंकि जिन पोस्टरों और होर्डिंग को लेकर आज विरोध हो रहा है, कुछ दिन पहले उसी शहर में कांग्रेस नेताओं के स्वागत के पोस्टर भी बड़ी संख्या में लगाए गए थे।
विवाद बढ़ने के बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने भी स्पष्ट किया कि भविष्य में कांग्रेस का कोई भी नेता या कार्यकर्ता अवैध होर्डिंग या पोस्टर नहीं लगाएगा। उन्होंने कहा कि यदि संगठन का कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि नगर निगम अवैध होर्डिंग और पोस्टरों के खिलाफ कार्रवाई सभी दलों पर समान रूप से करता है या नहीं। फिलहाल इस पूरे मामले ने शहर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

