इंदौर। इंदौर में राहुल गांधी के संभावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर अनुमति और प्रशासनिक पाबंदियों का मुद्दा लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कार्यक्रम की अनुमति को लेकर कई सवाल उठाए और कहा कि तमाम अड़चनों के बावजूद ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की एसपीजी सुरक्षा पहले ही हटा दी गई और अब उनके कार्यक्रम की सुरक्षा अनुमति को लेकर राजीव गांधी हत्याकांड का हवाला दिया जा रहा है। पटवारी ने इसे बीजेपी की सोच बताते हुए कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर रोज नए विवाद खड़े किए जा रहे हैं। कभी रूट को लेकर सवाल उठते हैं, तो कभी कार्यक्रम की फीस को लेकर विवाद सामने आता है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार पैसे जमा नहीं करने पर कार्यक्रम निरस्त करने की धमकी दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन तमाम परिस्थितियों का सामना करेगी और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम होकर रहेगा। पटवारी ने यह भी दावा किया कि देश के बच्चे शिक्षा के मुद्दे पर राहुल गांधी की सोच के साथ हैं। इसके साथ ही उन्होंने देश में कथित धांधलियों और बड़े पदों पर आरएसएस से जुड़े लोगों की मौजूदगी को लेकर भी आरोप लगाए।
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार दीप जला रही है, जबकि सागर और देवास की घटनाओं पर उन्हें शोक मनाना चाहिए था। सिंघार ने तीखे अंदाज में कहा कि सरकार जिन दीयों को जला रही है, उन्हें बुझाने का काम प्रदेश के छात्र करेंगे।
फिलहाल राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और सरकार के बीच बयानबाजी तेज है। कांग्रेस कार्यक्रम को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रही है, जबकि अनुमति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अभी भी चर्चा में हैं। अब देखना होगा कि कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की अंतिम व्यवस्था क्या रहती है और कांग्रेस अपने तय कार्यक्रम को किस तरह आगे बढ़ाती है।

