ग्वालियर बनेगा एजुकेशन हब… CM डॉ. मोहन ने ऋषि गालव विश्वविद्यालय का किया भूमिपूजन

भोपाल। मध्यप्रदेश के Gwalior में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री Mohan Yadav ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने ग्वालियर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा बयान दिया।

सीएम मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर प्राचीन काल से ही वीरता, विद्वता और कला का केंद्र रहा है और अब इस विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ यह शहर नई शैक्षणिक पहचान गढ़ने की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि ऋषि गालव विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का भी एक मजबूत आधार बनेगा, जहां छात्रों को संस्कार, संस्कृति और आधुनिक तकनीकी ज्ञान का समन्वय मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने मध्य भारत शिक्षा समिति के योगदान को याद करते हुए कहा कि 1941 में शुरू हुई इस संस्था ने एक स्कूल से लेकर कई कॉलेज, विद्यालय और खेल अकादमी तक का सफर तय किया है और आज हजारों विद्यार्थी इससे जुड़ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश में विद्यार्थियों के कौशल, दक्षता और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वे जिम्मेदार और नवाचारी नागरिक बन सकें।

सीएम ने भारतीय शिक्षा परंपरा का जिक्र करते हुए भगवान श्रीकृष्ण, सुदामा, द्रोणाचार्य और प्राचीन विश्वविद्यालयों नालंदा और तक्षशिला के उदाहरण भी दिए, और कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान नहीं बल्कि मूल्यों का निर्माण भी होना चाहिए।

इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई नए विश्वविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें तात्या टोपे, टंट्या भील और रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर विश्वविद्यालय शामिल हैं, साथ ही हर जिले में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब दीक्षांत समारोहों में भारतीय परंपरा को बढ़ावा देते हुए काले कोट की जगह साफा और पारंपरिक वेशभूषा अपनाई जा रही है, जिससे शिक्षा में भारतीयता का समावेश हो सके।

उन्होंने उम्मीद जताई कि ऋषि गालव विश्वविद्यालय जल्द ही शुरू होगा और आने वाले समय में ग्वालियर को देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल करेगा।

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