राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले मध्यप्रदेश की सियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर जहां पार्टी की ओर से बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन का दावा किया जा रहा है, वहीं इसी कार्यक्रम को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक तंज अब सियासी चर्चा का विषय बन गया है।
इंदौर में शनिवार रात गोगा नवमी के जुलूस के दौरान कैलाश विजयवर्गीय से राहुल गांधी के दौरे को लेकर सवाल किया गया। जवाब में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सर्कस देखने हर कोई जाता है। इससे पहले भी विजयवर्गीय राहुल गांधी के इंदौर आने को लेकर कह चुके हैं कि उनके दौरे से भाजपा को फायदा होगा।
विजयवर्गीय के इस बयान पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बेहद तीखे अंदाज में पलटवार किया। वर्मा ने आरोप लगाया कि कैलाश विजयवर्गीय अपने बड़बोलेपन में अपनी हैसियत और औकात भूल जाते हैं।
सज्जन वर्मा ने राहुल गांधी के परिवार के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और देश के लिए दिए गए बलिदानों का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी उस परिवार से आते हैं, जिसका नाम देश के इतिहास में दर्ज है। उन्होंने राहुल गांधी को उस परिवार का ‘चश्मो-चिराग’ बताते हुए विजयवर्गीय पर निशाना साधा।
वर्मा यहीं नहीं रुके। उन्होंने विजयवर्गीय के ‘सर्कस’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी इंदौर सर्कस देखने नहीं आ रहे हैं, बल्कि उनके शब्दों में, ‘तुम जैसे सर्कस के जंतुओं को रिंगमास्टर बनकर नचाने आ रहे हैं।’
वहीं राहुल गांधी के कार्यक्रम में बुजुर्गों की एंट्री को लेकर भी सज्जन वर्मा ने विजयवर्गीय पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने उनसे विजयवर्गीय को कार्यक्रम का निमंत्रण देने जाने की बात कही थी। वर्मा ने व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि विजयवर्गीय के घर में कोई युवा या स्टूडेंट नहीं है। उन्होंने कहा कि जब ‘वृद्धों की गूंज’ होगी, तब कैलाश बाबू को बुलाने जाएंगे।
राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच शुरू हुई यह जुबानी जंग अब और तेज होती नजर आ रही है। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के दावों और भाजपा के तंज के बीच अब सबकी नजर राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने और वहां होने वाले कार्यक्रम पर टिकी है।

