अमित शाह का बड़ा ऐलान! दिसंबर 2029 तक MP को नशामुक्त करने का लक्ष्य, उज्जैन में ₹255 करोड़ का डेयरी प्लांट; गौशालाओं को ₹101 करोड़
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। सम्मेलन में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, गोवंश संवर्धन, सहकारी डेयरी व्यवस्था और नशामुक्ति अभियान को लेकर कई अहम घोषणाएं की गईं। इस दौरान उज्जैन में ₹255 करोड़ की लागत से बनने वाले डेयरी प्लांट का भूमिपूजन भी किया गया।
दिसंबर 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त करने का लक्ष्य
अमित शाह ने अपने संबोधन में दिसंबर 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए बैठक की जाएगी और सरकार इस दिशा में काम करेगी।
यह लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ समाज की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होगी। आने वाले समय में अभियान के क्रियान्वयन और परिणामों से इसकी प्रगति का आकलन किया जा सकेगा।
सहकारिता और दूध उत्पादन पर कांग्रेस को घेरा
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक देश में अलग सहकारिता मंत्रालय नहीं बनाया गया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस मंत्रालय की स्थापना से सहकारी क्षेत्र को बढ़ावा मिला है।
उन्होंने दूध उत्पादन के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में दुग्ध उत्पादन बढ़ा है और सहकारी व्यवस्था के जरिए पशुपालकों को लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शाह ने दूध के भाव में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया और गोपालकों की आय बढ़ाने पर जोर दिया।
गोवंश संवर्धन के लिए 50 एकड़ जमीन
अमित शाह ने बताया कि गोवंश संवर्धन और नस्ल सुधार के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकृति मिलने की बात उन्होंने कही।
इस भूमि पर उन्नत तकनीक के माध्यम से नस्ल सुधार का काम किए जाने की योजना है। सम्मेलन में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
उज्जैन में ₹255 करोड़ का डेयरी प्लांट
सम्मेलन की प्रमुख सौगातों में उज्जैन में बनने वाला आधुनिक डेयरी प्लांट शामिल है। परियोजना की शुरुआती प्रसंस्करण क्षमता प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध होगी, जिसे आगे बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है। इस परियोजना में राज्य सरकार की ओर से ₹170 करोड़ दिए जाने की जानकारी दी गई।
इसके अलावा भोपाल में फर्मेंटेड मिल्क प्रोडक्ट प्लांट, राज्य स्तरीय केंद्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला और शिवपुरी में मिनी डेयरी प्लांट से जुड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया गया।
गौशालाओं को ₹101 करोड़ की अनुदान राशि
राज्य की पंजीकृत गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के रखरखाव के लिए जुलाई और अगस्त 2026 की करीब ₹101 करोड़ की अनुदान राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी DBT के माध्यम से खातों में भेजने की जानकारी दी गई। यह सहायता गोवंश के भरण-पोषण और देखभाल से जुड़ी व्यवस्था के लिए है।
168 गो-एंबुलेंस और पशुपालकों के लिए पुरस्कार
सम्मेलन में गोवंश के उपचार के लिए 168 नई एंबुलेंस शुरू करने की घोषणा की गई। उन्नत पशुपालन करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹1 लाख और द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹50 हजार देने की बात भी कही गई।
भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े उत्पादकों को बोनस राशि देने के साथ ‘लखपति गौपालक दीदियों’ को सम्मानित किया गया। इन पहलों के जरिए पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को प्रोत्साहन देने का लक्ष्य रखा गया है।
डेयरी और पशुपालन क्षेत्र पर सरकार का जोर
भोपाल में आयोजित इस सम्मेलन में नशामुक्ति के लक्ष्य के साथ डेयरी उद्योग के विस्तार, गौशालाओं की सहायता और पशुपालकों को प्रोत्साहित करने से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। अब इन घोषणाओं के अमल और तय लक्ष्यों की दिशा में होने वाली प्रगति पर नजर रहेगी।