‘सनातन के नाम पर ढोंग बंद करे सरकार!’ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा हमला, बोले- ‘गुरुओं का अपमान करने वाले क्या सिखाएंगे धर्म?’
नरसिंहपुर। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने सनातन धर्म, धर्मगुरुओं के सम्मान और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर स्थित अपने गुरु स्थान पर प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने नेताओं द्वारा सनातन धर्म की व्याख्या किए जाने और युवाओं पर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।
‘गुरुओं की अवहेलना कर सनातन बढ़ाने का दावा खोखला’
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि एक तरफ सनातन धर्म को बढ़ावा देने की बातें की जा रही हैं, लेकिन दूसरी तरफ सनातन परंपरा के प्रमुख धर्मगुरुओं की अवहेलना किए जाने का आरोप भी सामने आता है। उनका कहना था कि जो लोग सनातन धर्म की बात करते हैं, उन्हें सबसे पहले धर्म के गुरुओं और परंपराओं के प्रति सम्मान रखना चाहिए।
उन्होंने नेताओं और गैर-धार्मिक पृष्ठभूमि वाले लोगों द्वारा सनातन धर्म की व्याख्या किए जाने पर भी सवाल उठाया। शंकराचार्य ने तंज करते हुए कहा कि जो लोग भगवान राम की मान्यता को लेकर अलग विचार रखते हैं और डंडे को गुरु मानने जैसी बातें करते हैं, वे सनातन धर्म को किस तरह आगे बढ़ाएंगे, यह सवाल है।
‘युवाओं को दबाने के बजाय उनकी समस्याएं सुलझाए सरकार’
युवाओं से जुड़े मुद्दे पर शंकराचार्य ने कहा कि जिस युवा पीढ़ी के हाथों में देश का भविष्य सौंपा जाना है, उसी पर कार्रवाई और दबाव की स्थिति चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने की जरूरत है।
उन्होंने सरकार से युवाओं के प्रति दमन की नीति अपनाने के बजाय उनकी समस्याओं पर ध्यान देने की बात कही। शंकराचार्य ने कहा कि युवा देश की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनके भविष्य को लेकर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।
सनातन और राजनीति पर लगातार मुखर रहे हैं अविमुक्तेश्वरानंद
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इससे पहले भी नेताओं द्वारा सनातन धर्म की व्याख्या और धर्मगुरुओं की भूमिका को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। जून 2026 में उन्होंने कहा था कि समाज नेताओं से धर्म सीख रहा है, जबकि धार्मिक ज्ञान गुरुओं से मिलना चाहिए।