हाथों में हथकड़ी, सड़कों पर कांग्रेस! जीतू पटवारी-उमंग सिंघार का CEC के खिलाफ प्रदर्शन, व्यापमं चौराहे पर पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता
भोपाल। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर निकले पैदल मार्च में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
हथकड़ी पहनकर पहुंचे जीतू पटवारी और उमंग सिंघार
प्रदर्शन के दौरान जीतू पटवारी और उमंग सिंघार प्रतीकात्मक हथकड़ी पहनकर मार्च में शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
प्रदर्शन में ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहने एक कार्यकर्ता को जंजीरों में बांधकर भी प्रतीकात्मक विरोध किया गया। इस दौरान जीतू पटवारी और उमंग सिंघार भी इस विरोध में शामिल नजर आए।
व्यापमं चौराहे पर बैरिकेडिंग, पुलिस से झड़प
कांग्रेस का पैदल मार्च जब व्यापमं चौराहे के पास पहुंचा तो पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी।
कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे समेत कुछ कार्यकर्ताओं के घायल होने की भी जानकारी सामने आई।
SIR को लेकर कांग्रेस लगातार उठा रही सवाल
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए गए और इस प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की जरूरत है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए करीब 34.25 लाख नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है।
कांग्रेस इससे पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि जब तक उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह आंदोलन जारी रखेगी। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रही है।
प्रदर्शन के बाद वापस लौटे कांग्रेस नेता
काफी देर तक चले प्रदर्शन, नारेबाजी और पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता वापस लौट गए। भोपाल का यह प्रदर्शन अब मध्य प्रदेश में SIR और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के आंदोलन का प्रमुख हिस्सा बन गया है।