मंदिर का प्रसाद खाते ही एक परिवार के 8 लोगों की तबीयत बिगड़ी! 2 साल का बच्चा गंभीर, तांत्रिक क्रिया के आरोप से मचा हड़कंप
भोपाल। छतरपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के बरकौहा गांव में मंदिर का प्रसाद खाने के बाद एक ही परिवार के 8 लोगों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। बीमार लोगों में तीन महिलाएं, एक पुरुष और चार बच्चे शामिल हैं। इनमें एक महिला गर्भवती है, जबकि बच्चों की उम्र करीब 1, 2, 8 और 11 साल बताई गई है।
सभी को इलाज के लिए छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के मुताबिक 2 साल के बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे PICU में रखा गया है।
प्रसाद खाने के करीब 20 मिनट बाद बिगड़ी तबीयत
परिवार के सदस्य गणेश कुशवाहा के मुताबिक, गांव का ही बबलू रजक काली मंदिर में बैठता है और कथित तौर पर तांत्रिक क्रियाएं करता है। परिवार का कहना है कि बबलू ने उन्हें मंदिर बुलाया था। पूजा-अर्चना के बाद उसने करीब आधा किलो पेड़ा प्रसाद के रूप में दिया।
परिवार के अनुसार, शाम को प्रसाद खाने के करीब 20 मिनट बाद लोगों को चक्कर आने लगे। इसके बाद कुछ लोग जमीन पर गिर गए और असामान्य व्यवहार करने लगे। परिजनों का आरोप है कि प्रसाद में कुछ मिलाया गया हो सकता है और उन्होंने बबलू रजक पर जादू-टोना करने का भी आरोप लगाया है।
हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में मेडिकल जांच और पुलिस की जांच के बाद ही बीमारी की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
2 साल के बच्चे की हालत गंभीर, PICU में इलाज
छतरपुर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया के मुताबिक, सुबह करीब 6 बजे एक ही परिवार के 8 मरीजों को अस्पताल लाया गया था। मरीजों में चक्कर आने, असामान्य व्यवहार और असंगत बातें करने जैसे लक्षण बताए गए।
सिविल सर्जन के अनुसार, शुरुआत में सभी मरीजों की हालत अस्थिर थी, लेकिन इलाज के बाद 7 मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर है। वहीं 2 साल के बच्चे की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसे पीडियाट्रिक आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
गर्भवती महिला की भी जांच, विशेषज्ञों की टीम इलाज में जुटी
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक परिवार की गर्भवती महिला की जांच गायनिक टीम ने कर ली है। सभी मरीजों के इलाज के लिए मेडिसिन, पीडियाट्रिक और गायनिक विशेषज्ञों की संयुक्त टीम काम कर रही है।
पुलिस को भी मामले की सूचना दे दी गई है। पुलिस फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। प्रसाद में किसी पदार्थ की मिलावट हुई थी या बीमारी की कोई अन्य वजह थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
आरोपों की जांच के बाद सामने आएगी असली वजह
घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। परिवार की ओर से जहां इसे तांत्रिक क्रिया और प्रसाद में कुछ मिलाने से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं मेडिकल जांच और पुलिस की पड़ताल इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल सबसे ज्यादा चिंता 2 साल के बच्चे की हालत को लेकर है, जिसका जिला अस्पताल के PICU में उपचार जारी है।