गजेंद्र पटेल का ‘हम दो, हमारे पांच’ नारा! हिंदुओं से 5 बच्चे पैदा करने की अपील, ‘शास्त्र के साथ शस्त्र’ वाले बयान पर सियासी घमासान

गजेंद्र पटेल का ‘हम दो, हमारे पांच’ नारा! हिंदुओं से 5 बच्चे पैदा करने की अपील, ‘शास्त्र के साथ शस्त्र’ वाले बयान पर सियासी घमासान
बड़वानी। मध्य प्रदेश के खरगोन-बड़वानी से बीजेपी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल के एक बयान को लेकर सियासी बहस शुरू हो गई है। बड़वानी के कालिका माता मंदिर परिसर में आयोजित एक बैठक के दौरान सांसद ने हिंदू समाज के युवाओं से समय पर शादी करने और कम से कम पांच बच्चे पैदा करने की अपील की। उन्होंने इसके लिए “हम दो, हमारे पांच” का नारा भी दिया। हालिया मीडिया रिपोर्टों में भी उनके इस बयान का उल्लेख किया गया है।
सांसद पटेल ने अपने संबोधन में जनसंख्या और बदलती डेमोग्राफी का मुद्दा उठाते हुए हिंदू समाज को एकजुट रहने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि हिंदू समाज की जन्मदर 1.9 है, जबकि दूसरे समाज की जन्मदर 2.9 है। हालांकि, इस तरह के आंकड़ों को अलग-अलग जनसांख्यिकीय स्रोतों और परिभाषाओं के संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।
‘शादी समय पर करें और पांच बच्चे पैदा करें’
सांसद गजेंद्र पटेल ने कहा कि युवाओं को समय पर विवाह करना चाहिए और परिवार बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। उनके मुताबिक कम होती जन्मदर और बदलती जनसांख्यिकी को गंभीरता से समझने की जरूरत है।
उन्होंने धर्मांतरण को भी डेमोग्राफिक बदलाव से जोड़ते हुए कहा कि इसके अलावा युवाओं की देर से शादी और शादी के बाद कम बच्चे पैदा करना भी जन्मदर कम होने की वजहों में शामिल है।
पटेल ने अखाड़ों और व्यायामशालाओं को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पारंपरिक अखाड़ों और व्यायाम की गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
‘जनसंख्या असंतुलन बढ़ा तो हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे’
अपने संबोधन में सांसद ने आशंका जताई कि यदि जनसंख्या का संतुलन इसी तरह बदलता रहा तो भविष्य में हिंदू समाज अल्पसंख्यक हो सकता है। उन्होंने हिंदू समाज से एकजुट रहने और बदलती जनसांख्यिकी को गंभीरता से समझने की अपील की।
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग धर्मांतरण के कारण हिंदू समाज से बाहर हुए हैं और देर से विवाह तथा कम संतान होने को भी उन्होंने जन्मदर में गिरावट से जोड़ा।
‘शास्त्र के ज्ञान के साथ शस्त्र उठाना भी सीखें’
सांसद गजेंद्र पटेल ने अपने संबोधन में धार्मिक प्रतीकों का उदाहरण देते हुए कहा कि सनातन परंपरा में देवी-देवताओं के हाथों में जहां आशीर्वाद का भाव दिखाई देता है, वहीं शस्त्र भी दिखाई देते हैं।
इसी संदर्भ में उन्होंने हिंदुओं से शास्त्र के ज्ञान के साथ आवश्यकता पड़ने पर शस्त्र उठाना सीखने की बात कही। उन्होंने खुद को सांसद से पहले क्षेत्र के लोगों का भाई बताते हुए परिवार और मोहल्ले की शक्ति को एकजुट करने की अपील की।
सांसद के मुताबिक, समाज को आत्मरक्षा और सुरक्षा के अधिकार की जानकारी भी होनी चाहिए। एक हालिया रिपोर्ट में भी उनके बयान के इस हिस्से को आत्मरक्षा के संदर्भ में रिपोर्ट किया गया है।
कांग्रेस ने साधा निशाना, BJP पर लगाया ध्रुवीकरण का आरोप
सांसद के बयान के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि इस तरह के बयानों के जरिए हिंदू-मुस्लिम समाज को बांटने और भाईचारा प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी के पास देश के विकास से जुड़े मुद्दों के बजाय धार्मिक और जनसंख्या से जुड़े मुद्दों को उछालने का एजेंडा है। पार्टी ने सांसद द्वारा बताए गए आंकड़ों पर भी सवाल उठाते हुए इन्हें गलत बताया।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में कांग्रेस की इस प्रतिक्रिया का विस्तृत आधिकारिक बयान स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं मिलता, इसलिए इन आरोपों को कांग्रेस के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
बीजेपी ने किया सांसद के बयान का बचाव
वहीं बीजेपी की ओर से सांसद के बयान का बचाव करते हुए कहा गया कि कांग्रेस उनके शब्दों को विवादित बयान के तौर पर पेश कर रही है। बीजेपी की ओर से जनसंख्या और डेमोग्राफिक आंकड़ों के संदर्भ में बहस करने की बात कही गई।
इस पूरे विवाद के केंद्र में सांसद गजेंद्र पटेल का “हम दो, हमारे पांच” वाला बयान, जनसंख्या संतुलन को लेकर उनकी चिंता और “शास्त्र के साथ शस्त्र” वाला उनका बयान है। इसके बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

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