पोस्टर हटे तो सड़क पर उतरी कांग्रेस! 7 अक्टूबर के निगम घेराव से पहले खंडवा में चक्काजाम, 25 साल का हिसाब मांग रही पार्टी
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में नगर निगम को लेकर कांग्रेस और निगम प्रशासन के बीच विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। 7 अक्टूबर को प्रस्तावित नगर निगम घेराव से पहले कांग्रेस की ओर से शहर में लगाए गए बैनर-पोस्टर हटाए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय के सामने सड़क पर उतर आए और चक्काजाम कर दिया। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शन के चलते मौके पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
कांग्रेस ने उठाए 10 प्रमुख मुद्दे
शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बैनर-पोस्टरों के जरिए जनता से जुड़े 10 प्रमुख मुद्दे उठाए गए थे। पार्टी का कहना है कि इन मुद्दों के जरिए खंडवा नगर निगम से शहर के विकास और पिछले वर्षों के कामकाज का हिसाब मांगा जा रहा था।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि खंडवा में पिछले करीब 25 वर्षों से महापौर पद पर बीजेपी का कब्जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद शहर में अपेक्षित विकास नहीं हुआ। पार्टी ने इसी अवधि के कामकाज पर सवाल उठाते हुए जवाब मांगा है।
‘पोस्टर हटाकर आवाज नहीं दबा सकते’
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जनता से जुड़े सवालों वाले पोस्टर हटाकर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई। पार्टी ने इसे लेकर निगम प्रशासन पर सवाल खड़े किए और कहा कि पोस्टर हटाए जाने के बावजूद 7 अक्टूबर का प्रस्तावित घेराव कार्यक्रम जारी रहेगा।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि कांग्रेस शहर की समस्याओं को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है और जनता के मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
मूलभूत सुविधाओं को लेकर निगम पर निशाना
कांग्रेस ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। पार्टी नेताओं का आरोप है कि शहर में लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं बनी हुई हैं और उनका स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
कांग्रेस का कहना है कि पानी, सड़क, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता परेशान है। पार्टी ने इन्हीं समस्याओं को अपने आंदोलन का प्रमुख आधार बनाया है।
चक्काजाम के बाद पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सड़क पर बैठने से यातायात प्रभावित हुआ और मौके पर जाम की स्थिति बन गई। इसके बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रास्ता खुलवाने की कोशिश की।
समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई। कांग्रेस ने हालांकि स्पष्ट किया कि 7 अक्टूबर को नगर निगम का प्रस्तावित घेराव किया जाएगा और शहर से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
अब 7 अक्टूबर का कांग्रेस का प्रस्तावित घेराव खंडवा की स्थानीय राजनीति में अगला बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।