TET के खिलाफ शिक्षकों का हल्लाबोल! नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना 7वें दिन भी जारी, तीन मांगों पर अड़े शिक्षक
भोपाल। भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET की अनिवार्यता समेत तीन प्रमुख मांगों को लेकर अध्यापकों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले चल रहा यह आंदोलन 3 अक्टूबर को 7वें दिन में पहुंच गया।
आंदोलन में प्रदेश के अलग-अलग संभागों से शिक्षक चरणबद्ध तरीके से शामिल हो रहे हैं। अब तक जबलपुर, ग्वालियर-चंबल, रीवा-शहडोल और उज्जैन संभाग से शिक्षक धरना स्थल पर पहुंच चुके हैं।
TET से छूट की मांग
आंदोलन कर रहे शिक्षकों की प्रमुख मांग TET की अनिवार्यता से जुड़ी है। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त किया जाना चाहिए।
मोर्चे की मांग है कि राज्य सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इस संबंध में प्रस्ताव पारित करे और उसे केंद्र सरकार को भेजे।
पहली नियुक्ति से सेवा अवधि और वरिष्ठता की मांग
शिक्षकों की दूसरी प्रमुख मांग उनकी सेवा अवधि और वरिष्ठता से संबंधित है। उनका कहना है कि सेवा की गणना उनकी प्रथम नियुक्ति की तारीख से की जानी चाहिए और इसी आधार पर वरिष्ठता निर्धारित होनी चाहिए।
शिक्षकों का तर्क है कि उनकी सेवा अवधि को पहली नियुक्ति से ही मान्यता मिलने से वरिष्ठता से जुड़े मामलों में स्पष्टता आएगी।
ई-अटेंडेंस को अनिवार्य नहीं, स्वैच्छिक करने की मांग
तीसरी मांग ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर है। आंदोलनकारी शिक्षक चाहते हैं कि ई-अटेंडेंस को अनिवार्य करने के बजाय स्वैच्छिक रखा जाए।
शिक्षकों का कहना है कि उनके ऊपर अलग-अलग विभागीय और शासकीय जिम्मेदारियां भी होती हैं। ऐसे में ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर उनकी व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना
शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
फिलहाल नीलम पार्क में चल रहे इस आंदोलन में अलग-अलग संभागों से शिक्षकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है, इस पर शिक्षकों और शिक्षक संगठनों की नजर बनी हुई है।