MP की 4 और ऐतिहासिक धरोहरों की दुनिया में धाक! UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में नाम, प्रदेश के कुल 19 स्थल शामिल
भोपाल। मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक और पहचान मिली है। UNESCO की विश्व धरोहरों की Tentative List में मध्यप्रदेश के चार और ऐतिहासिक स्थलों को शामिल किया गया है। इनमें बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि गुफाएं शामिल हैं। इन चारों स्थलों को UNESCO की सूची में 8 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया।
इन नई प्रविष्टियों के साथ मध्यप्रदेश से जुड़े UNESCO Tentative List के स्थलों की संख्या 19 हो गई है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि टेंटेटिव लिस्ट में शामिल होना विश्व धरोहर का अंतिम दर्जा मिलना नहीं है। यह उन स्थलों की सूची है जिन्हें संबंधित देश भविष्य में World Heritage Site के नामांकन के लिए विचार में रखता है।
बाघ गुफाएं: चट्टानों पर उकेरी गई बौद्ध कला की कहानी
धार जिले में बाघ नदी के किनारे स्थित बाघ गुफाएं नौ चट्टान-कट बौद्ध गुफाओं का समूह हैं। UNESCO के अनुसार इनका विकास करीब चौथी से छठी शताब्दी ईस्वी के बीच हुआ। यहां गुफा नंबर-4 यानी रंग महल में संरक्षित भित्ति चित्र विशेष महत्व रखते हैं।
इन चित्रों में राजदरबार, जुलूस, संगीतकार, नर्तक और तत्कालीन सामाजिक जीवन से जुड़े दृश्य दिखाई देते हैं। UNESCO ने बाघ की चित्रकला को मध्य भारत की प्राचीन बौद्ध भित्ति कला की महत्वपूर्ण कड़ी बताया है।
गिन्नौरगढ़ किला: गोंड इतिहास की विरासत
सीहोर जिले में रातापानी के वन क्षेत्र की पहाड़ी पर स्थित गिन्नौरगढ़ किला भी UNESCO की नई टेंटेटिव लिस्ट में शामिल हुआ है। यह किला क्षेत्र के गोंड शासन और उसकी ऐतिहासिक स्थापत्य परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है।
चंबल घाटी के मंदिर समूह में बटेश्वर भी शामिल
मुरैना जिले के बटेश्वर, पदावली और ककनमठ समेत चंबल घाटी के मंदिरों के समूह को भी UNESCO की सूची में जगह मिली है। यह समूह मध्य भारत की मंदिर स्थापत्य परंपरा का महत्वपूर्ण उदाहरण है और इसके मंदिरों की स्थापत्य शैली कई सदियों पुराने धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास को दर्शाती है।
उदयगिरि गुफाएं: गुप्तकालीन कला का अनोखा केंद्र
विदिशा के पास स्थित उदयगिरि गुफाएं भी इस सूची में शामिल की गई हैं। यहां चट्टानों को काटकर बनाए गए प्राचीन गुफा मंदिर, मूर्तियां और शिलालेख मौजूद हैं।
उदयगिरि विशेष रूप से गुप्तकालीन कला और धार्मिक स्थापत्य के लिए महत्वपूर्ण है। यहां की प्रसिद्ध वराह प्रतिमा गुप्तकालीन धार्मिक कला और वैष्णव परंपरा का प्रमुख उदाहरण मानी जाती है। UNESCO की एक अन्य टेंटेटिव लिस्ट प्रविष्टि में उदयगिरि की गुफा नंबर-1 को गुप्तकालीन रॉक-कट स्थापत्य के संदर्भ में भी दर्ज किया गया है।
MP की विरासत को वैश्विक पहचान की दिशा में एक और कदम
UNESCO की आधिकारिक सूची में भारत के कुल 78 स्थल Tentative List में दर्ज हैं। मध्यप्रदेश से जुड़े स्थलों में पहले से ही मांडू, ग्वालियर फोर्ट, भोजेश्वर महादेव मंदिर, बुंदेलखंड के ऐतिहासिक स्थल, रामनगर के गोंड स्मारक और अन्य धरोहरें शामिल हैं।
अब बाघ की गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि गुफाओं के शामिल होने से मध्यप्रदेश की प्राचीन कला, स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में एक और कदम जुड़ गया है।