कमलनाथ का हारना असंभव था! नकुलनाथ के ‘वोट चोरी’ वाले दावे से MP की सियासत गरम, 2023 चुनाव पर फिर उठे सवाल

कमलनाथ का हारना असंभव था! नकुलनाथ के ‘वोट चोरी’ वाले दावे से MP की सियासत गरम, 2023 चुनाव पर फिर उठे सवाल
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के नतीजों को लेकर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता नकुलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो साझा करते हुए 2023 के चुनाव परिणामों पर सवाल उठाए हैं। नकुलनाथ ने पोस्ट में दावा किया कि “कमलनाथ का मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 हारना असंभव था।” उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर कथित ‘वोट चोरी’ के कारण कांग्रेस को चुनाव में नुकसान हुआ।
राहुल गांधी के बयान का दिया हवाला
नकुलनाथ ने अपनी पोस्ट में राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से ही बड़े पैमाने पर ‘वोट चोरी’ की शुरुआत हुई थी। उनके मुताबिक, राहुल गांधी की तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने भी चुनाव परिणामों को लेकर सवाल उठाए थे।
हालांकि, ये बातें नकुलनाथ और कांग्रेस नेताओं के राजनीतिक दावे हैं। चुनाव आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड में 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के निर्वाचन क्षेत्रवार मतदाता और मतदान संबंधी आंकड़े उपलब्ध हैं।
2018 की मतदाता सूची का भी किया जिक्र
नकुलनाथ ने अपने दावे के समर्थन में 2018 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी मतदाता सूची का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस की शिकायतों के बाद प्रदेश की मतदाता सूची से करीब 24 लाख प्रविष्टियां हटाई गई थीं।
उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 2018 में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान करीब 24 लाख प्रविष्टियां हटाई गई थीं। इनमें अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरित और दोहराव वाली प्रविष्टियां शामिल थीं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दर्ज मामले के रिकॉर्ड में भी मतदाता सूची से जुड़ी लाखों प्रविष्टियों के सत्यापन और हटाए जाने की प्रक्रिया का उल्लेख मिलता है।
2023 को लेकर नकुलनाथ ने लगाया गंभीर आरोप
नकुलनाथ का आरोप है कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर शिकायतें सामने आने के बावजूद कथित फर्जी मतदाताओं के नाम उसी स्तर पर नहीं हटाए गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव के बाद मध्य प्रदेश में करीब 33 लाख फर्जी मतदाताओं का मामला सामने आया था।
इस 33 लाख के आंकड़े और उससे निकाले गए निष्कर्षों को लेकर फिलहाल नकुलनाथ और कांग्रेस की ओर से लगाए गए दावों को आधिकारिक चुनावी निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। उपलब्ध आधिकारिक 2023 चुनाव रिकॉर्ड में चुनाव के परिणाम और मतदाता संबंधी आंकड़े दर्ज हैं।
‘लोकतंत्र पर हमला’ तक पहुंचा मामला- नकुलनाथ
नकुलनाथ ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से शुरू हुआ कथित ‘वोट चोरी’ का मामला अब ईवीएम और मतदाता सूची से जुड़े सवालों तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
नकुलनाथ के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में 2023 के विधानसभा चुनाव परिणामों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। हालांकि, वोट चोरी के आरोपों और 2023 के चुनाव परिणामों के बीच कारणात्मक संबंध साबित होने का प्रश्न अलग है, और इस संबंध में संबंधित चुनावी रिकॉर्ड तथा आधिकारिक जांच/न्यायिक निष्कर्षों को देखना महत्वपूर्ण होगा।

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