‘उज्जैन में चलने हैं बड़े हथौड़े, इसलिए CM के घर चला छोटा हथौड़ा!’ पीसी शर्मा का तंज, मास्टर प्लान और शिक्षकों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
भोपाल। भोपाल विकास योजना-2047 का ड्राफ्ट सामने आने के बाद राजधानी में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने मास्टर प्लान के प्रस्तावों पर सवाल उठाने के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उज्जैन स्थित पैतृक मकान के हिस्से को हटाए जाने और शिक्षकों के आंदोलन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। पीसी शर्मा ने कहा कि मास्टर प्लान को लेकर आम लोगों, व्यापारियों और अन्य प्रभावित पक्षों को तय समय सीमा में अपने दावे-आपत्तियां दर्ज करानी चाहिए।
31 साल बाद मास्टर प्लान, कई प्रस्तावों पर पीसी शर्मा ने उठाए सवाल
मीडिया से चर्चा के दौरान पीसी शर्मा ने कहा कि भोपाल में लंबे समय से मास्टर प्लान को लेकर इंतजार चल रहा था। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा ड्राफ्ट में कई ऐसे प्रावधान हैं, जिन पर जनता को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने प्रस्तावित योजना में शामिल गांवों और जमीन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि जिन लोगों की जमीन विकास योजना के दायरे में आएगी, उनके लिए सरकार की क्या व्यवस्था होगी। उन्होंने भोपाल के नागरिकों, डॉक्टरों, रहवासियों और व्यापारियों से अपील की कि दावे-आपत्तियां दर्ज करने के लिए मिले समय का उपयोग करते हुए अपनी बात प्रशासन के सामने रखें।
गौरतलब है कि भोपाल विकास योजना-2047 का ड्राफ्ट जारी हो चुका है। इसमें करीब 1,016.90 वर्ग किलोमीटर का निवेश क्षेत्र और 254 गांव शामिल हैं। ड्राफ्ट में 51 किलोमीटर के ग्रोथ कॉरिडोर और हरित क्षेत्र को बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने जैसे प्रस्ताव भी शामिल हैं। जनता से दावे-आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
उज्जैन में कार्रवाई पर बोले- ‘बड़े हथौड़े चलने वाले हैं’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उज्जैन स्थित पैतृक मकान के एक हिस्से को सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के तहत हटाए जाने को लेकर भी पीसी शर्मा ने टिप्पणी की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “यह हथौड़ा इसलिए चला है क्योंकि उज्जैन में लंबे हथौड़े चलने वाले हैं।”
पीसी शर्मा ने कहा कि विकास और सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई में सभी लोगों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार के मकान पर जितनी कार्रवाई हुई है, उसी तरह का व्यवहार आम लोगों के मामलों में भी किया जाए।
उन्होंने इंदौर और जबलपुर के मास्टर प्लान को लेकर भी जल्द आगे की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की।
TET और ई-अटेंडेंस के खिलाफ शिक्षकों के आंदोलन को समर्थन
भोपाल के नीलम पार्क में TET परीक्षा और ई-अटेंडेंस के खिलाफ चल रहे शिक्षकों के आंदोलन का भी पीसी शर्मा ने समर्थन किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जो शिक्षक लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे हैं, उनसे इस उम्र में दोबारा परीक्षा लेने की आवश्यकता और इसका औचित्य क्या है।
पीसी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस शिक्षकों की मांगों का समर्थन करती है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह शिक्षकों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मजबूती से अपना पक्ष रखे, ताकि शिक्षकों के हित प्रभावित न हों।
मास्टर प्लान अभी ड्राफ्ट के स्तर पर
भोपाल का नया मास्टर प्लान फिलहाल प्रारूप के स्तर पर है। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद सरकार ने ड्राफ्ट प्रकाशित किया है और इस पर दावे-आपत्तियां आमंत्रित की जा रही हैं। अंतिम मास्टर प्लान लागू करने की प्रक्रिया में आगे न्यायालय की भूमिका भी बनी रहेगी।