प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत से गहराया रहस्य! जबलपुर के परिजनों ने उठाए सवाल, अब CBI जांच की मांग
जबलपुर। संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की वृंदावन में चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद हुई मौत का मामला लगातार चर्चा में है। जबलपुर निवासी दीपक की मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच कर रही है। वहीं, परिजनों ने घटना को लेकर कई सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और CBI जांच की मांग की है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के बाद पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए और शव का पोस्टमार्टम कराया। सामने आए CCTV फुटेज में दीपक के इमारत से नीचे गिरने की घटना दिखाई देती है, लेकिन उनकी मौत की परिस्थितियों और उसके पीछे की वजह को लेकर जांच अभी जारी है।
सेना में जाने का था सपना
दीपक लोधी मूल रूप से जबलपुर के गौर क्षेत्र के परसवाड़ा गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। परिजनों के अनुसार, बचपन से ही पढ़ाई में उनकी रुचि थी और वह भारतीय सेना में जाकर देश सेवा करना चाहते थे। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन किया और आर्मी का फिजिकल टेस्ट भी दिया था, लेकिन दौड़ में अनफिट होने के कारण उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका।
इसके बाद उन्होंने आध्यात्मिक जीवन की ओर रुख किया और नर्मदा परिक्रमा भी की। परिजनों के मुताबिक, इसी दौरान उनका मन सांसारिक जीवन से विरक्त होने लगा और बाद में वह वृंदावन चले गए।
दीक्षा के बाद बदला नाम
परिजनों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, करीब दो साल पहले दीपक ने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके बाद उनका नाम रसिक दुलारी शरण रखा गया और वह वृंदावन में साधक के रूप में रहने लगे। परिवार के मुताबिक, वह भक्ति और साधना में काफी समय देने लगे थे।
परिजनों का कहना है कि दीपक ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी काफी हद तक बंद कर दिया था। परिवार के लोग उनसे मिलने वृंदावन पहुंचे, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो पाने की बात भी सामने आई है।
मौत को लेकर परिजनों ने उठाए सवाल
दीपक की मौत की खबर मिलने के बाद जबलपुर से परिजन वृंदावन पहुंचे। परिवार ने घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें मौत को लेकर कई बातें स्पष्ट नहीं लग रही हैं। परिजन किसी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों और CCTV फुटेज का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन साक्ष्यों का घटना से वास्तविक संबंध क्या है और मौत की वजह क्या थी, इसका अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और फोरेंसिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
CBI जांच की मांग
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कराने के लिए CBI जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि घटना की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी तरह की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। CCTV फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य पहलुओं के आधार पर मौत की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है।