बालाघाट में राहुल गांधी की चौपाल, पीड़ित आदिवासी परिवारों से मुलाकात; लोकसभा में मुद्दा उठाने का वादा, BJP-कांग्रेस में छिड़ा घमासान

बालाघाट में राहुल गांधी की चौपाल, पीड़ित आदिवासी परिवारों से मुलाकात; लोकसभा में मुद्दा उठाने का वादा, BJP-कांग्रेस में छिड़ा घमासान
बालाघाट। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के जगला गांव पहुंचे। यहां उन्होंने बीमारी के बाद जान गंवाने वाले बैगा आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात की और जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों के साथ समय बिताया और क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, जमीन और वन अधिकारों से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली।
मृत बच्चों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में 30 से अधिक मौतों का उल्लेख है, जबकि अन्य रिपोर्टों में सरकारी आंकड़ों और कांग्रेस के दावों में अंतर बताया गया है।
राहुल बोले- आदिवासी मुद्दा लोकसभा में उठाऊंगा
पीड़ित परिवारों से बातचीत के बाद राहुल गांधी ने क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है।
राहुल गांधी ने जमीन और वन अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता और मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासियों से जुड़े इन मुद्दों को वे लोकसभा में उठाएंगे।
राहुल गांधी ने कांग्रेस की सरकार बनने पर वन अधिकार कानून को लागू करने और आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं पर काम करने की बात भी कही। उनके बयान में मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर आलोचना भी शामिल रही।
BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उठाए नक्सलवाद से जुड़े सवाल
राहुल गांधी के दौरे के बाद बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी से बालाघाट में नक्सलवाद के पुराने दौर और कांग्रेस शासन से जुड़े सवाल पूछे। उन्होंने लीखीराम कावरे हत्याकांड का भी जिक्र करते हुए कहा कि नक्सलवाद से निपटने में बीजेपी सरकार की भूमिका रही है।
खंडेलवाल ने बालाघाट के मौजूदा हालात को लेकर कांग्रेस के पुराने शासन की नीतियों पर सवाल उठाए।
कांग्रेस का पलटवार- राहुल गांधी के नाम के बिना BJP नेताओं को नींद नहीं आती
बीजेपी के बयानों पर कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता राहुल गांधी के नाम के बिना नहीं रह सकते और उन्हें राहुल गांधी के सवालों से परेशानी होती है।
अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी आदिवासी और आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं और इन्हीं मुद्दों को लेकर वे जनता के बीच जा रहे हैं।
डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ला ने बताया ‘पॉलिटिकल टूरिज्म’
राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को लेकर डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल के दौरे को ‘पॉलिटिकल टूरिज्म’ बताते हुए कहा कि घटना के काफी समय बाद उनका बालाघाट पहुंचना राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा है।
राजेंद्र शुक्ला ने कांग्रेस शासन के दौरान नक्सलवाद को लेकर सवाल उठाए और कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकारों के प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
उन्होंने पीएम जनमन योजना, मोबाइल नेटवर्क, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हजारों लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई है और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है।
राहुल के बयान पर उदय प्रताप सिंह का भी हमला
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने भी राहुल गांधी के बालाघाट दौरे पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी क्षेत्र की कमियां तलाशने के उद्देश्य से पहुंचे थे।
मंत्री ने बालाघाट के माटे गांव के एक स्कूल का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की व्यवस्थाएं देखने के बावजूद राहुल गांधी ने सरकार की ओर से किए जा रहे कामों की सराहना नहीं की।
लाडली बहना योजना और प्रदेश के विकास को लेकर भी उदय प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के सवालों पर कांग्रेस के लंबे शासन का हवाला देते हुए पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति को लेकर भी टिप्पणी की और उनके दौरे को राजनीतिक पर्यटन बताया।
बालाघाट दौरे के बाद बढ़ी सियासी गर्मी
राहुल गांधी का बालाघाट दौरा आदिवासी परिवारों से मुलाकात और बच्चों की मौत से जुड़े सवालों पर केंद्रित रहा, लेकिन उनके बयानों के बाद मध्य प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, मुआवजा और आदिवासी अधिकारों के सवाल उठा रही है, वहीं बीजेपी नेता सरकार की ओर से किए गए स्वास्थ्य और विकास कार्यों का हवाला देते हुए कांग्रेस के पुराने शासन और नक्सलवाद के मुद्दे पर पलटवार कर रहे हैं।
अब राहुल गांधी के लोकसभा में इस मुद्दे को उठाने की बात के बाद बालाघाट के आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, मुआवजा और वन अधिकारों का मुद्दा संसद में किस तरह उठता है, इस पर नजर रहेगी।

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