‘हनुमान अंश’ देखने पहुंचे परिवार के साथ मॉल में अजूबा! बच्चे ने दबा दिए लिफ्ट के बटन, 1 मिनट तक फंसे माता-पिता; नीम करौली बाबा को किया याद
शहडोल। शहडोल के के-स्क्वायर मॉल में ‘हनुमान अंश’ फिल्म देखने पहुंचे उमरिया जिले के पाली निवासी एक परिवार के साथ उस वक्त अचानक ऐसी स्थिति बन गई, जब बच्चा लिफ्ट के बटन दबाते-दबाते कई बटन बार-बार दबा बैठा। इसके बाद कुछ समय के लिए लिफ्ट रुक गई और परिवार उसके अंदर फंस गया।
अचानक लिफ्ट रुकने से माता-पिता और बच्चा घबरा गए। परिवार के मुताबिक, मुश्किल वक्त में उन्होंने भगवान हनुमान और नीम करौली बाबा का स्मरण किया। करीब एक मिनट तक परिवार लिफ्ट में रहा, जिसके बाद मॉल का स्टाफ मौके पर पहुंचा और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मोबाइल गेम की तरह दबाए लिफ्ट के बटन
जानकारी के मुताबिक, परिवार फिल्म देखने के लिए पाली से शहडोल पहुंचा था। लिफ्ट में सवार होने के दौरान बच्चे की नजर लिफ्ट के बटनों पर पड़ी। मोबाइल और गेम खेलने की आदत के चलते बच्चे ने उत्सुकता में कई बटन बार-बार दबा दिए।
इसके बाद लिफ्ट कुछ समय के लिए रुक गई। परिवार के लिए यह स्थिति अचानक और घबराहट भरी थी। हालांकि मॉल स्टाफ के पहुंचने के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मॉल संचालक ने बताई पूरी घटना
के-स्क्वायर मॉल के संचालक बलमीत सिंह खनूजा के अनुसार, बच्चे ने लिफ्ट के बटन अनावश्यक रूप से कई बार दबाए थे, जिसके कारण कुछ समय के लिए लिफ्ट रुक गई। सूचना मिलते ही मॉल का स्टाफ मौके पर पहुंचा और परिवार को तत्काल लिफ्ट से बाहर निकाल लिया।
संचालक के मुताबिक, लिफ्ट में फंसे दंपती ने भी बच्चे की गलती के कारण लिफ्ट रुकने की बात स्वीकार करते हुए मॉल प्रबंधन से माफी मांगी।
लिफ्ट में फंसने पर नीम करौली बाबा को किया याद
इस घटना का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि परिवार जिस फिल्म को देखने मॉल पहुंचा था, उसमें भी नीम करौली बाबा से जुड़ा एक प्रसंग बताया जा रहा है। यही वजह रही कि लिफ्ट में फंसने के दौरान परिवार ने नीम करौली बाबा और भगवान हनुमान का स्मरण किया।
सुरक्षित बाहर निकलने के बाद परिवार ने अपनी आस्था के अनुसार इसे भावनात्मक अनुभव माना और भगवान बजरंगबली तथा नीम करौली बाबा के प्रति आभार जताया। हालांकि लिफ्ट रुकने का तत्काल कारण बच्चे द्वारा कई बटन दबाना बताया गया है।
बच्चों के साथ लिफ्ट में रहें सतर्क
यह घटना अभिभावकों के लिए भी एक जरूरी सीख देती है। बच्चों के साथ लिफ्ट में सफर करते समय उनके द्वारा बटन दबाने या किसी अन्य तरह की शरारत पर नजर रखना जरूरी है। लिफ्ट के बटन गेम या खिलौने नहीं हैं। कुछ सेकंड की लापरवाही परिवार को परेशानी में डाल सकती है।