उज्जैन को CM मोहन की बड़ी सौगात! महाकाल लोक से दौड़ीं PM ई-बसें, सिर्फ ₹200 में होगा बाबा महाकाल समेत 18 धार्मिक स्थलों का दर्शन

उज्जैन को CM मोहन की बड़ी सौगात! महाकाल लोक से दौड़ीं PM ई-बसें, सिर्फ ₹200 में होगा बाबा महाकाल समेत 18 धार्मिक स्थलों का दर्शन
उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी है। रविवार को महाकाल लोक स्थित अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर से PM ई-बस सेवा और उज्जैन दर्शन सेवा का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शक्ति पथ, महाकाल लोक से बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान वेदपाठी बटुकों ने वेद मंत्रों का वाचन किया, जबकि डमरू वादन भी हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर भगवान महाकालेश्वर को नमन करते हुए कहा कि उज्जैन में लगातार विकास के नए काम हो रहे हैं और शहर को एक के बाद एक नई सौगात मिल रही है। उन्होंने कहा कि करीब 21 साल पहले राज्य परिवहन निगम की बसें संचालित होती थीं, लेकिन बाद में सार्वजनिक परिवहन बस सेवा बंद हो गई थी। अब सरकार ने इस कमी को दूर करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य परिवहन निगम की बसें अब एक राज्य से दूसरे राज्य तक चलेंगी। इसके साथ ही शहरों के भीतर नगरीय स्तर पर भी बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। उज्जैन जैसे धार्मिक पर्यटन केंद्र के लिए फिलहाल 10 बसों की सौगात दी गई है।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खास होगी उज्जैन दर्शन सेवा
उज्जैन दर्शन सेवा को श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया है। इसके जरिए शहर के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को एक ही बस सेवा से जोड़ा गया है। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को अलग-अलग साधनों की व्यवस्था करने की जरूरत कम होगी और वे एक निर्धारित रूट के जरिए प्रमुख स्थलों तक पहुंच सकेंगे।
मेघदूत वन से शुरू होकर इन धार्मिक स्थलों तक जाएगी बस
उज्जैन दर्शन सेवा का निर्धारित मार्ग मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होगा। इसके बाद बस महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा नदी, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़ कालिका माता मंदिर, काल भैरव मंदिर, सिद्धवट मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता मंदिर, चिंतामण गणेश मंदिर, अष्ट विनायक मंदिर, शनि नवग्रह मंदिर, इस्कॉन मंदिर, उज्जैन बस स्टैंड और उज्जैन रेलवे स्टेशन से होते हुए वापस मेघदूत वन पार्किंग पहुंचेगी।
सिर्फ ₹200 होगा किराया
उज्जैन दर्शन सेवा का शुल्क ₹200 निर्धारित किया गया है। यात्रियों को भुगतान के लिए यूपीआई की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस सेवा का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना है।
जीरो एमिशन ई-बसों से प्रदूषण कम करने पर जोर
इस सेवा में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। ये बसें जीरो एमिशन तकनीक पर आधारित होंगी और इलेक्ट्रिकल चार्जिंग से चलेंगी। इससे सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ-साथ शहर में प्रदूषण कम करने की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

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